
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष (Speaker) डॉ. रमन सिंह ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को एक ऐतिहासिक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने 31 मार्च 2026 को राष्ट्र के लिए एक ‘नई सुबह’ बताया है। डॉ. रमन ने देश को नक्सलवाद (Naxalism) के दंश से पूरी तरह मुक्त कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के दृढ़ संकल्प की सराहना की है।
सरदार पटेल के बाद अमित शाह ‘साध्य पुरुष‘
डॉ. रमन सिंह ने अपने पत्र में अमित शाह की तुलना भारत के ‘लौह पुरुष’ सरदार वल्लभ भाई पटेल से की है। उन्होंने लिखा कि जिस प्रकार पटेल ने रियासतों का विलय कराया, उसी प्रकार अमित शाह ने देश को आंतरिक सुरक्षा (Internal Security) प्रदान की है।
- बड़ी उपधि: डॉ. रमन ने गृहमंत्री को ‘साध्य पुरुष‘ (The Achiever) कहकर संबोधित किया है।
- ऐतिहासिक संदर्भ: पत्र में उल्लेख है कि सदियों बाद जब इतिहास लिखा जाएगा, तो शाह का योगदान स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होगा।
UPA सरकार और ‘नक्सलवाद‘ पर कटाक्ष
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने पुराने अनुभवों (Experience) को साझा करते हुए पिछली सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें नक्सलवाद को केवल राज्यों की समस्या (State issue) मानती थीं, जिससे छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। डॉ. रमन के अनुसार, 2014 के बाद प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ही नक्सलवाद के समूल नाश (Total elimination) की योजना धरातल पर उतरी।
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“जब आपने कश्मीर से धारा 370 हटाई थी, तभी हमें विश्वास हो गया था कि आपके नेतृत्व में देश नक्सलवाद से भी मुक्त होगा।” – डॉ. रमन सिंह
बस्तर में विकास का नया दौर
नक्सलवाद खत्म होने के बाद अब बस्तर के आदिवासी क्षेत्रों में विकास (Development) की नई लहर आने की उम्मीद है। डॉ. रमन ने विश्वास जताया कि अब युवाओं को शिक्षा और रोजगार (Employment) के बेहतर अवसर मिलेंगे। छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि बस्तर अब आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ेगा।







