कर्मचारी हलचल

Central Government Employees के 8th CPC, OPS और प्रमोशन पर JCM बैठक का ब्यौरा जारी, कैबिनेट सचिव ने दिए कड़े निर्देश

न्‍यूज डेस्‍क। केंद्रीय कर्मचारियों (Central Government Employees) और पेंशनभोगियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर सामने आई है। नई दिल्ली के फिरोजशाह रोड स्थित नेशनल काउंसिल (Staff Side) जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (Joint Consultative Machinery – JCM) के तत्वावधान में एक ऐतिहासिक बैठक संपन्न हुई है। कैबिनेट सचिव (Cabinet Secretary) टी.वी. सोमनाथन की अध्यक्षता में 11 मई 2026 को जेसीएम की 49वीं बैठक आयोजित की गई, जिसके आधिकारिक मिनट्स (Minutes) स्टाफ साइड के सचिव शिव गोपाल मिश्रा द्वारा जारी कर दिए गए हैं।

यह वर्ष JCM योजना का हीरा जयंती वर्ष (Diamond Jubilee Year) भी है, जिसके 60 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक विशेष बुकलेट भी जारी की गई है। इस उच्च स्तरीय बैठक में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन, व्यय सचिव, कार्मिक सचिव (DOPT) सहित विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस बैठक में 8वें वेतन आयोग (8th Central Pay Commission), ओल्ड पेंशन स्कीम (Old Pension Scheme), अनुकंपा नियुक्ति और प्रमोशन जैसे अत्यंत संवेदनशील मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई और कई बड़े फैसले लिए गए हैं।

8th CPC और पुरानी पेंशन (OPS) को लेकर कैबिनेट सचिव का रुख

बैठक के दौरान स्टाफ साइड (कर्मचारी पक्ष) ने 8वें वेतन आयोग (8th CPC) के समक्ष सौंपे गए अपने ज्ञापन (Memorandum) का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन (Minimum Pay), फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor), इंक्रीमेंट रेट और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS/UPS) को वापस लेकर ओल्ड पेंशन स्कीम (Old Pension Scheme – OPS) को बहाल करने की मांग पुरजोर तरीके से रखी।

कैबिनेट सचिव ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए आश्वासन दिया कि सरकार इन जायज मांगों का पूरा संज्ञान ले रही है। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि पेंशनर्स की अतिरिक्त पेंशन (Additional Pension) और फैमिली पेंशन को 30% तक सीमित न रखने जैसे वित्तीय मामलों को 8th CPC के विचारार्थ (Terms of Reference) भेजा जाएगा। सरकार ने 8वें वेतन आयोग को कर्मचारी संगठनों के साथ निरंतर संवाद (Regular Interaction) बनाए रखने के लिए भी प्रेरित किया है।

प्रमुख फैसलों और चर्चाओं की मुख्य बातें (Key Highlights)

बैठक में कर्मचारियों के हितों से जुड़े कुल 24 एजेंडा बिंदुओं पर विस्तार से बातचीत हुई। आपकी सुविधा के लिए मुख्य निर्णयों को नीचे ब्लू (Blue) और ग्रीन (Green) रंग के मुख्य आकर्षणों के साथ दिया जा रहा है:

  • ■ ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों के कर्मचारियों को बड़ी राहत: रक्षा मंत्रालय के तहत 41 ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों को कॉर्पोरेट में बदले जाने के बाद कर्मचारी ‘डीम्ड डेपुटेशन’ पर हैं। कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाली समिति ने सिफारिश की है कि इन कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति (Retirement) तक केंद्रीय कर्मचारी बनाए रखने के लिए ‘एम्पावर्ड ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स’ (EGOM) से जल्द अधिसूचना जारी कराई जाएगी।
  • ■ पुरानी पेंशन (OPS) का विशेष लाभ: अनुकंपा के आधार पर नियुक्त ऐसे उम्मीदवार जिन्होंने 22 दिसंबर 2003 से पहले आवेदन किया था, भले ही उनकी नियुक्ति 1 जनवरी 2004 के बाद हुई हो, उन्हें पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए व्यय सचिव ने एक सप्ताह में आदेश लागू करने पर सहमति जताई है।
  • ■ अनुकंपा नियुक्ति पर से हटेगा बैन: रक्षा मंत्रालय (MOD) में पिछले 5 वर्षों से अनुकंपा नियुक्तियों पर लगे कथित अनौपचारिक प्रतिबंध पर स्टाफ साइड ने कड़ा विरोध जताया। कैबिनेट सचिव ने निर्देश दिया कि नए डीपीएसयू (DPSUs) में कानून मंत्रालय के परामर्श से जल्द नियुक्तियां शुरू की जाएं।
  • ■ मेडिकल खर्चों का पूरा रीइंबर्समेंट: CGHS और CS(MA) नियमों के तहत इलाज के खर्च की पूर्ण प्रतिपूर्ति (Full Reimbursement) और हियरिंग एड (Hearing Aids) की दरों में 12 साल बाद संशोधन करने के मुद्दे पर स्वास्थ्य मंत्रालय को 3 महीने के भीतर अंतिम निर्णय लेने का आदेश दिया गया है।
  • ■ प्रमोशन में देरी पर लगेगा अंकुश: विभिन्न विभागों, विशेषकर सैन्य इंजीनियर सेवाओं (MES) में 3 से 5 साल तक टलने वाले प्रमोशन पर कैबिनेट सचिव ने नाराजगी जताई। DOPT को सभी मंत्रालयों के लिए कड़े निर्देश जारी करने को कहा गया है ताकि समयबद्ध तरीके से DPC कराई जा सके।

प्रमोशन नियम और रिकवरी (Wrongful Recovery) पर सख्त हिदायत

एक और गंभीर मामला जो Central Government Employees को मानसिक रूप से परेशान करता है, वह है वर्षों पुरानी गलत पे-फिक्सेशन के नाम पर की जाने वाली भारी-भरकम रिकवरी (Wrongful Recovery)। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व के फैसलों का हवाला देते हुए स्टाफ साइड ने मांग की कि सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों से इस तरह की वसूली तुरंत रोकी जाए।

कैबिनेट सचिव का निर्देश: “DOPT के मौजूदा दिशानिर्देशों का सभी मंत्रालयों द्वारा कड़ाई से पालन किया जाना अनिवार्य है। बिना किसी ठोस कारण के कर्मचारियों को कोर्ट जाने के लिए मजबूर न किया जाए। साथ ही ₹2 लाख से अधिक की रिकवरी माफी (Waiver of Recovery) के अधिकार संबंधित मंत्रालयों को सौंपने पर विचार किया जाएगा।”

इसके अतिरिक्त, MACP के बाद पदोन्नति पाने वाले कर्मचारियों के लिए ‘FR-22 (1)(a)(1)’ के तहत वेतन निर्धारण (Pay Fixation Benefit) के लाभ की समीक्षा करने और आवश्यकता पड़ने पर इसे भी 8वें वेतन आयोग के पास भेजने का निर्णय लिया गया है।

अनावश्यक मुकदमों (Litigations) से बचेगा रेल और रक्षा विभाग

कर्मचारी संगठनों ने शिकायत की थी कि सरकार ‘राष्ट्रीय मुकदमेबाजी नीति’ (National Litigation Policy) का उल्लंघन कर छोटे-छोटे सर्विस मामलों को हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक खींचती है, जिससे कर्मचारी हतोत्साहित होते हैं। 5वें वेतन आयोग की उस सिफारिश को लागू करने की मांग की गई जिसमें कहा गया था कि यदि किसी एक मामले में अदालत कोई राहत देती है, तो वही लाभ उसी श्रेणी के अन्य सभी समान कर्मचारियों (Similarly Placed Employees) को बिना कोर्ट जाए मिलना चाहिए। कैबिनेट सचिव ने स्टाफ साइड से ऐसे लंबित मामलों की सूची मांगी है ताकि सामूहिक समाधान निकाला जा सके।

अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम:

  1. नाईट ड्यूटी अलाउंस (Night Duty Allowance): रक्षा विभाग के सिविलियन कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग के तहत ₹43,600 की बेसिक पे सीमा से ऊपर नाइट ड्यूटी अलाउंस देने का प्रस्ताव व्यय विभाग में अंतिम चरण में है, जिस पर जल्द फैसला होगा।
  2. इनकम टैक्स से छूट: भारतीय रेलवे के रनिंग स्टाफ को मिलने वाले माइलेज अलाउंस (Kilometrage Allowance) के टीए (TA) हिस्से को आयकर से मुक्त करने के लिए रेलवे बोर्ड चेयरमैन और राजस्व सचिव मिलकर बैठक करेंगे।
  3. आउटसोर्सिंग पर रोक की मांग: रेलवे और अन्य विभागों में बढ़ते वर्कलोड को देखते हुए आउटसोर्सिंग और निजीकरण को रोकने तथा खाली पड़े पदों पर स्थायी भर्ती करने की मांग पर भी विचार किया जा रहा है।

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इस 49वीं जेसीएम बैठक के नतीजे यह साफ संकेत देते हैं कि सरकार Central Government Employees की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर अब गंभीर है और आने वाले दिनों में कर्मचारियों तथा पेंशनभोगियों के लिए कई सकारात्मक आधिकारिक आदेश देखने को मिल सकते हैं।

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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