शासकीय आदेश व अधिसूचना

रेलवे का बड़ा फैसला: अब क्वार्टर और वेंडर्स के लिए ‘Railway Smart Meter’ अनिवार्य, बिजली चोरी और मैन्युअल रीडिंग खत्म!

नई दिल्ली, न्‍यूज डेस्‍क। भारतीय रेल (Indian Railways) ने अपने पूरे नेटवर्क में बिजली प्रबंधन और पारदर्शिता को सुधारने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा नीतिगत बदलाव (Policy Change) किया है। रेल मंत्रालय (Ministry of Railways) के अंतर्गत रेलवे बोर्ड (Railway Board) ने एक नया आधिकारिक आदेश जारी किया है, जिसके तहत अब रेलवे की विभिन्न संपत्तियों और परिसरों में स्मार्ट मीटर और प्रीपेड मीटर (Smart meter/Prepaid meter) लगाना पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया गया है.

रेलवे बोर्ड की तरफ से जारी इस नए सर्कुलर (New Circular) के अनुसार, यह नियम उन सभी स्थानों पर लागू होगा जहां से रेलवे बिजली की खपत (Electricity Consumption) के बदले शुल्क वसूल करता है. इस बड़े फैसले से न सिर्फ बिजली की बर्बादी रुकेगी, बल्कि मैन्युअल रीडिंग की झंझट से भी हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी.

पुरानी नीति में हुआ बड़ा बदलाव (Major Policy Shift)

रेलवे बोर्ड की डायरेक्टर इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (PS) निशा मनोहर पाटिल (Nisha Manohar Patil) द्वारा जारी पत्र संख्या 2009/Elect(G)/150/7/Pt. के अनुसार, यह नया आदेश 3 जून 2020 को जारी की गई पुरानी गाइडलाइन को पूरी तरह से सुपरसीड (Supersede) यानी उसकी जगह लेता है.

क्या था पुरानी नीति में? > साल 2020 में जारी किए गए आदेश में वेंडर्स, प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर्स और यूनियनों के लिए तो प्रीपेड मीटर की बात कही गई थी, लेकिन तब पहले फेज (First Phase) में रेलवे स्टाफ क्वार्टर्स (Railway Staff Quarters) को इस दायरे से बाहर रखा गया था. लेकिन अब, नई तकनीक और रियल टाइम डेटा एक्विजिशन (Real-time data acquisition) को बढ़ावा देने के लिए स्टाफ क्वार्टर को भी इसमें अनिवार्य रूप से शामिल कर लिया गया है.

इन सभी जगहों पर लगेंगे ‘Railway Smart Meter’

रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जिन-जिन उपभोक्ताओं से रेलवे बिजली बिल वसूलता है, उन सभी को इस नए नियम के दायरे में लाया जाए । इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

नियम के दायरे में आने वाले प्रमुख परिसर (Installations Covered):
  • रेलवे स्टाफ क्वार्टर (Railway Staff Quarters): जहां रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी निवास करते हैं। पहले फेज में इन्हें बाहर रखा गया था, लेकिन अब इन्हें अनिवार्य रूप से इस Electricity Billing नीति में शामिल कर लिया गया है।
  • रेलवे स्टेशनों के वेंडर्स (Station Vendors): रेलवे स्टेशनों पर स्टॉल, दुकानें या खान-पान की सामग्री बेचने वाले सभी अधिकृत वेंडर्स, जो रेलवे ग्रिड से बिजली लेते हैं।
  • प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर्स के ऑफिस (Private Contractors’ Offices): रेलवे क्षेत्र या परिसरों में संचालित होने वाले निजी ठेकेदारों के कार्यालय और कार्यस्थल।
  • रेस्टोरेंट और कैंटीन (Restaurants & Canteens): रेलवे स्टेशनों, टर्मिनल्स और रेलवे की जमीनों पर व्यावसायिक रूप से चलने वाले बड़े भोजन केंद्र और खान-पान इकाइयां।
  • यूनियन कार्यालय (Railway Union Offices): रेलवे कर्मचारियों और मज़दूरों के विभिन्न संगठनों व यूनियनों के लिए आवंटित दफ्तर और उनके परिसर।

यह पूरी सूची आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार पूरी तरह प्रमाणित है

क्यों लिया गया यह एडवांस फैसला? (Technical Upgradation)

रेलवे बोर्ड ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि बिजली क्षेत्र में हो रहे तेजी से तकनीकी विकास (Rapid Technological Advancements) को देखते हुए यह कदम उठाया गया है । इसका मुख्य उद्देश्य मैन्युअल हस्तक्षेप (Manual Intervention) को पूरी तरह समाप्त करना है ।

स्मार्ट मीटर लग जाने से अब सेंट्रलाइज्ड एनर्जी मॉनिटरिंग (Centralized Energy Monitoring) का एक मजबूत ढांचा तैयार होगा । इससे रेलवे मुख्यालय और जोनल रेलवे को एक ही जगह से पूरे नेटवर्क की बिजली खपत का सटीक और रियल-टाइम डेटा (Real-time Data) मिलता रहेगा । इस कार्य के लिए बजट आवंटन प्लान हेड-36 (PH-36) के तहत स्वीकृत कराने के निर्देश भी सभी जोनल रेलवे और प्रोडक्शन यूनिट्स (Zonal Railways & Production Units) को दे दिए गए हैं । यह आदेश बोर्ड (M/T&RS) की मंजूरी के बाद तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है.

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Railway Smart Meter
रेलवे बोर्ड का आर्डर

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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