
रायपुर (चतुरपोस्ट)। छत्तीसगढ़ में लगातार गिरते भूगर्भ जल स्तर (Groundwater Level) और गर्मी के दिनों में पैदा होने वाली गंभीर पेयजल किल्लत की समस्या से निपटने के लिए मुख्यमंत्री की मंशानुसार राज्य शासन ने एक बेहद कड़ा और बड़ा फैसला लिया है। छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग (Urban Administration and Development Department) ने राज्य के सभी शासकीय, अर्द्धशासकीय और निजी भवनों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग (Rainwater Harvesting) सिस्टम का निर्माण अनिवार्य कर दिया है।
नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय, महानदी भवन से विभाग की सचिव आर. शंगीता (R. Shangeetha) द्वारा जारी आधिकारिक पत्र (Order Copy) क्रमांक PROJ-4109/57/2025-UAD के तहत सूबे के सभी जिला कलेक्टरों, नगर निगम आयुक्तों और मुख्य नगरपालिका अधिकारियों (CMO) को इसे एक ‘मिशन मोड’ (Mission Mode Campaign) के रूप में तत्काल लागू करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
15 जून 2026 की डेडलाइन तय (The Strict Deadline)
इस नए सरकारी फरमान के तहत छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में स्थित शासकीय और अर्द्धशासकीय कार्यालयों के साथ-साथ सभी आवासीय भवनों में भी आगामी 15 जून 2026 से पूर्व रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करना अनिवार्य होगा।
विभाग ने साफ चेताया है कि मानसून यानी वर्षा ऋतु के प्रारंभ होने से पहले (Before Monsoon Season) यह काम हर हाल में पूरा हो जाना चाहिए, ताकि बारिश के पानी की एक-एक बूंद को सहेजकर जमीन के भीतर उतारा जा सके और जल पुनर्भरण (Water Recharge) की प्रक्रिया को गति दी जा सके।
नियम तोड़ने वालों की खैर नहीं: जब्त होगी ‘सुरक्षा निधि’ (Strict Action Plan)
सरकार ने इस बार केवल कागजी आदेश जारी नहीं किया है, बल्कि नियम न मानने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का भी पूरा खाका तैयार किया है। आदेश के बिंदु क्रमांक 3 के अनुसार, जो सबसे बड़ा कदम (Major Policy Change) उठाया गया है, वह कुछ इस प्रकार है:
- राजसात होगी राशि: जिन निजी आवासगृहों, व्यावसायिक संस्थानों, निजी कॉलोनियों या टाउनशिप की भवन अनुज्ञा (Building Permission) की अवधि समाप्त हो चुकी है और उन्होंने अब तक निकाय को रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की जानकारी नहीं दी है, उनके खिलाफ सख्त एक्शन होगा।
- सरकारी एजेंसी बनाएगी सिस्टम: ऐसे सभी मामलों में आवेदकों द्वारा भवन निर्माण के समय नगरीय निकाय में जमा कराई गई सुरक्षा निधि (Security Deposit Money) की राशि को पूर्णतः राजसात (Seize) कर लिया जाएगा।
- जबरन वसूली जैसी सख्ती: सुरक्षा निधि जब्त करने के उपरांत नगरीय निकाय स्वयं की चुनिंदा एजेंसियों के माध्यम से उस संबंधित भवन या परिसर में खुद रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निर्माण करवाएगा।
कलेक्टरों को सौंपना होगा वर्किंग सर्टिफिकेट (Mandatory Verification)
शासन ने मैदानी अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए स्पष्ट किया है कि नगरीय क्षेत्रों में आयुक्त एवं मुख्य नगर पालिक अधिकारी (CMO) अपने-अपने क्षेत्राधिकार में आने वाले सभी संबंधित शासकीय एवं निजी भवनों से रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना का बकायदा एक प्रमाण पत्र (Installation Certificate) प्राप्त करेंगे। इसके बाद वे इस पूरी सूची को जिले के कलेक्टर (District Collector) के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।
इतना ही नहीं, जिन भवनों में पहले से ही रेन वॉटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था काम कर रही है, उनके संस्था प्रमुखों से भी इस आशय का कार्यशीलता प्रमाण पत्र (Operational Certificate) लिया जाएगा कि उनका स्थापित सिस्टम वर्तमान में पूरी तरह एक्टिव और चालू हालत में है।
निकायों के लिए 10 सूत्रीय गाइडलाइन (10-Point Guidelines For Urban Bodies)
विभाग द्वारा जारी “document (91)_270526_112732.pdf” के मुताबिक, सभी नगरीय निकायों को रणनीतिक ढंग से प्रभावी क्रियान्वयन (Effective Implementation) के लिए इन 10 प्रमुख बिंदुओं पर काम करना होगा:
कठिनाई होने पर सीधे स्टेट नोडल अधिकारी से करें संपर्क (Helpline Support)
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने राज्य स्तर पर इस पूरी महा-मुहिम की मॉनिटरिंग के लिए संचालनालय स्तर पर श्री राजेश शर्मा (प्रभारी मुख्य अभियंता, यांत्रिकी प्रकोष्ठ) को राज्य का मुख्य नोडल अधिकारी (State Nodal Officer) नियुक्त किया है।
यदि किसी भी नगरीय निकाय, निजी संस्थान अथवा नागरिक को तकनीकी रूप से या क्रियान्वयन के संबंध में कोई कठिनाई आती है, तो वे सीधे उनके आधिकारिक मोबाइल नंबर 98271-60564 पर संपर्क कर मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। विभाग ने वर्ष 2019 में जारी किए गए मूल दिशा-निर्देशों (Letter No. F 5-13/2019/18) का कड़ाई से पालन करने को कहा है।
चतुरपोस्ट संपादकीय राय (Editorial Verdict)
गिरता हुआ वॉटर टेबल केवल एक प्रशासनिक चिंता नहीं बल्कि एक बड़ी सामाजिक चुनौती बन चुका है। छत्तीसगढ़ शासन का यह ‘मिशन मोड’ आदेश जल संकट को रोकने की दिशा में एक स्वागत योग्य कदम है। विशेष रूप से 150 वर्गमीटर से बड़े भूखंडों पर कड़ा रुख अख्तियार करना और डिफॉल्टर्स की सुरक्षा निधि को राजसात करने का निर्णय यह दर्शाता है कि इस बार सरकार जमीनी नतीजे चाहती है। चतुरपोस्ट अपने पाठकों से अपील करता है कि वे 15 जून 2026 की अंतिम तिथि से पहले अपने घरों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अवश्य सुनिश्चित करें।







