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ब्रेकिंग न्‍यूज: 13 महीने का इंतजार खत्म! छत्तीसगढ़ को मिला नया फुलटाइम DGP, जानें कौन हैं भरोसेमंद IPS अरुण देव गौतम और क्या है उनका ‘योगी कनेक्शन’

रायपुर (chaturpost.com) छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग ने आखिरकार राज्य के पुलिस महकमे को उसका स्थाई मुखिया दे दिया है। राज्य सरकार ने 1992 बैच के वरिष्ठ और बेहद ईमानदार आईपीएस अरुण देव गौतम (IPS Arun Dev Gautam) को छत्तीसगढ़ का फुलटाइम पुलिस महानिदेशक (DGP – Director General of Police) नियुक्त किया है। महानदी भवन, नवा रायपुर, अटल नगर से 16 मई 2026 को इस संबंध में आधिकारिक आदेश (Official Government Order) जारी कर दिया गया है।

आपको बता दें कि राज्य में पिछले 13 महीनों से स्थाई डीजीपी की नियुक्ति का इंतजार (Waiting for Full-Time DGP) किया जा रहा था। इस नियुक्ति के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस बल को एक नई दिशा और मजबूत नेतृत्व मिलने की उम्मीद है।

13 महीने के लंबे इंतजार के बाद मिली स्थाई कमान

वर्तमान में IPS Arun Dev Gautam राज्य के प्रभारी डीजीपी (In-charge DGP) के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। 1992 बैच के इस कड़क और निष्पक्ष आईपीएस अधिकारी को 4 फरवरी 2025 को राज्य का ‘करंट चार्ज’ (Current Charge) यानी चालू प्रभार सौंपा गया था। तब से लेकर अब तक पुलिस विभाग को अपने स्थाई मुखिया (Permanent Head) का इंतजार था, जो आज खत्म हो गया है।

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) नई दिल्ली द्वारा गठित पैनल की अनुशंसा (Panel Recommendation) के आधार पर राज्य सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया है। उन्हें उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि (05.02.2025) से अपेक्स स्केल ₹2,25,000/- (वेतन मैट्रिक्स स्तर-17) प्रदान करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस महानिदेशक (पुलिस बल प्रमुख) के पद पर पदस्थ किया गया है। यह आदेश छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह द्वारा जारी किया गया है।

विवादों से दूर, संकटमोचक और सरकार के सबसे भरोसेमंद अफसर

लगभग 32 साल के शानदार और बेदाग करियर (Clean Career) वाले आईपीएस अरुण देव गौतम को पुलिस महकमे में एक बेहद कुशल प्रशासक और निष्ठावान अधिकारी माना जाता है। उनके पूरे सेवाकाल में उनके साथ कभी कोई विवाद (No Controversy) नहीं जुड़ा। यही वजह है कि वे हर सरकार के बेहद भरोसेमंद अफसरों (Trusted Officers) की सूची में सबसे ऊपर रहे हैं।

जब-जब छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था या नक्सल मोर्चे पर विषम परिस्थितियां (Difficult Situations) निर्मित हुईं, सरकार ने अरुण देव गौतम को ‘संकटमोचक’ के रूप में आगे किया।

ग्राउंड पुलिसिंग के साथ लंबा प्रशासनिक अनुभव (Administrative Experience)

नए डीजीपी अरुण देव गौतम के पास न केवल कड़क ग्राउंड पुलिसिंग का अनुभव है, बल्कि वे प्रशासनिक मामलों के भी उस्ताद माने जाते हैं। वे छत्तीसगढ़ के कई महत्वपूर्ण जिलों में पुलिस कप्तान (SP) रह चुके हैं और दो महत्वपूर्ण रेंजों में महानिरीक्षक (IG) के रूप में काम कर चुके हैं।

इसके अलावा, वे गृह विभाग में सचिव (Secretary, Home Department) और ओएसडी (OSD) के रूप में भी लंबे समय तक अपनी सेवाएं दे चुके हैं। पुलिस मुख्यालय (PHQ) में उन्होंने प्रशासन शाखा (Administration Wing) की कमान संभालकर अपनी प्रशासनिक क्षमता का लोहा मनवाया था।

क्या है नया DGP अरुण देव गौतम का योगी कनेक्शन‘?

इन दिनों सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में डीजी अरुण देव गौतम का योगी कनेक्शन‘ (Yogi Connection) खूब सुर्खियां बटोर रहा है। लेकिन हम यहां स्थिति पूरी तरह स्पष्ट (Clarification) कर दें कि अरुण देव गौतम का उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कोई पारिवारिक या सीधा संबंध नहीं है।

दरअसल, चर्चा की असली वजह यह है कि अरुण देव गौतम मूल रूप से उसी राज्य यानी उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के रहने वाले हैं, जहां के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। इसी वजह से इंटरनेट और सोशल मीडिया पर लोग इसे ‘योगी कनेक्शन’ कहकर चटखारे ले रहे हैं।

गांव के सरकारी स्कूल से JNU और फिर IPS बनने का सफर (Educational Background)

छत्तीसगढ़ के नए पुलिस मुखिया अरुण देव गौतम का जन्म 2 जुलाई 1967 को उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के अभयपुर गांव में हुआ था। उनकी शुरुआती शिक्षा (Primary Education) गांव के ही एक साधारण सरकारी स्कूल में हुई। इसके बाद वे आगे की पढ़ाई के लिए प्रयागराज (तत्कालीन इलाहाबाद) चले गए।

  • कॉलेज की पढ़ाई: उन्होंने इलाहाबाद के प्रतिष्ठित ‘राजकीय इंटर कॉलेज’ से पढ़ाई की।
  • स्नातक (Graduation): इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय (Allahabad University) से आर्ट्स में स्नातक की डिग्री ली।
  • परास्नातक (Post Graduation): इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से ही उन्होंने राजनीति शास्त्र (Political Science) में एमए (MA) किया।
  • उच्च शिक्षा (Higher Education): इसके बाद उन्होंने देश की मशहूर जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU), नई दिल्ली का रुख किया, जहां से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून (International Law) में एमफिल (M.Phil) की डिग्री हासिल की।

ट्रेनी से लेकर DGP बनने तक: जानें कहां-कहां रही पोस्टिंग (Career Profile)

साल 1992 में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा पास कर अरुण देव गौतम आईपीएस बने। उन्हें अविभाजित मध्य प्रदेश कैडर (MP Cadre) मिला था।

निश्चित रूप से, एक बेदाग छवि, उच्च शैक्षणिक योग्यता (High Educational Qualification) और नक्सल मोर्चे पर विपरीत परिस्थितियों में काम करने का उनका लंबा अनुभव छत्तीसगढ़ पुलिस को एक नया मुकाम देगा। उनकी इस नियुक्ति पर पुलिस महकमे और प्रशासनिक हलकों से उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं।


Source: छत्तीसगढ़ गृह (पुलिस) विभाग आधिकारिक आदेश संख्या एफ 01-04/2024/दो-गृह/भापुसे।

IPS Arun Dev Gautam

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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