Breaking News

रायपुर में फूटा गुस्सा: कटौती भड़के कांग्रेसियों ने कर दिया बिजली मुख्यालय के दोनों गेट जाम; गाड़ी फंसी तो MD गए पैदल !

रायपुर। छत्तीसगढ़ में जैसे-जैसे भीषण गर्मी का प्रकोप (Heat Wave) बढ़ रहा है, वैसे-वैसे बिजली की आंख-मिचौली ने आम जनता की मुसीबत दोगुनी कर दी है। प्रदेश की राजधानी रायपुर में ही स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि दिनभर में कई-कई बार बिजली गुल (Power Outage) हो रही है।

इस चरमराई बिजली व्यवस्था (Disrupted Power System) के खिलाफ आज कांग्रेस का गुस्सा पूरी तरह फूट पड़ा। जनता की इस गंभीर समस्या को लेकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सीधे बिजली मुख्यालय पर धावा बोल दिया।

राजधानी रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में अघोषित बिजली कटौती, लो वोल्टेज, सिंगल फेस गायब होने, ट्रांसफार्मर फेल होने और भारी-भरकम बिजली बिलों को लेकर सियासत गरमा गई है। इन समस्याओं के विरोध में कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक विकास उपाध्याय कार्यकर्ताओं व आम जनता के साथ रायपुर के डंगनिया स्थित बिजली विभाग (CSPDCL) के मुख्यालय में धरने पर बैठ गए हैं।

अपडेट: अधिकारियों का रवैया निरंकुश, जनता त्रस्त: विकास उपाध्याय धरने पर बैठे विकास उपाध्याय ने राज्य सरकार और बिजली विभाग के प्रबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में बिजली को लेकर लगातार गंभीर समस्याएं आ रही हैं, लेकिन अधिकारियों का रवैया पूरी तरह निरंकुश हो चुका है। जनता लगातार शिकायतें कर रही है, पर अधिकारियों की तरफ से समय पर कोई पहल नहीं की जाती।

उपाध्याय ने कहा, “राजधानी सहित पूरे प्रदेश में छात्र, व्यापारी, किसान और महिलाएं बिजली विभाग के इस लचर रवैये से त्रस्त हो चुके हैं। भीषण गर्मी के इस मौसम में महिलाएं और बच्चे घरों में रहने को मजबूर हैं, लेकिन अघोषित बिजली कटौती ने उनका जीना दुश्वार कर दिया है। बिजली गुल होने से छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही है, वहीं उद्योग और व्यापार ठप होने की कगार पर हैं। इसके बावजूद शासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।”

सरप्लस राज्य में स्मार्ट मीटर के नाम पर महंगी बिजली का खेल पूर्व विधायक ने सरकार को घेरते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शुरू से ही एक बिजली सरप्लस (अधिशेष बिजली वाला) राज्य रहा है। इसके बावजूद इस सरकार ने स्मार्ट मीटर लगाकर जनता पर महंगी बिजली दरें थोपने का काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग में लो-कैटेगरी (घटिया स्तर) के ट्रांसफार्मर लगाने वाले ठेकेदारों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इससे साफ जाहिर होता है कि अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से पूरा खेल चल रहा है, जिसका खामियाजा आम जनता भुगत रही है।

शिकायत करने पर ‘सांप सूंघ जाता है’ बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उपाध्याय ने कहा कि अगर कोई उपभोक्ता समय पर बिजली बिल नहीं पटा पाता, तो विभाग अगले ही दिन पूरी मुस्तैदी के साथ कनेक्शन काटने पहुंच जाता है। लेकिन जब उपभोक्ताओं को सुविधा देने या शिकायत सुनने की बात आती है, तो विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को सांप सूंघ जाता है। उपभोक्ता जब अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए सीएसईबी (CSEB) के दफ्तरों या अधिकारियों से संपर्क करते हैं, तो न तो कोई फोन उठाता है और न ही कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार होता है।

उन्होंने आगे कहा कि जब भी कटौती पर सवाल किया जाता है, तो कभी 33 केवी लाइन में खराबी तो कभी ट्रांसफार्मर उड़ने का बहाना बना दिया जाता है। अगर यह समस्याएं बार-बार आ रही हैं, तो विभाग इसके स्थायी मेंटेनेंस या लोड बढ़ाने के लिए जरूरी कदम क्यों नहीं उठा रहा है?

मांगें पूरी न होने पर मुख्यमंत्री निवास के घेराव की चेतावनी विकास उपाध्याय ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली विभाग द्वारा जनता की इन समस्याओं का शीघ्र अति शीघ्र निराकरण नहीं किया गया, तो कांग्रेस पार्टी चरणबद्ध तरीके से उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाएगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन के अगले चरण में सबसे पहले बिजली विभाग का उग्र घेराव किया जाएगा, इसके बाद संबंधित लापरवाह अधिकारियों के बंगलों और अंत में ऊर्जा विभाग संभाल रहे प्रदेश के मुख्यमंत्री के निवास का भी घेराव किया जाएगा।

धरने में भारी संख्या में जुटे कांग्रेसी और आम नागरिक इस प्रदर्शन और धरने के दौरान विकास उपाध्याय के साथ प्रमुख रूप से प्रकाश जगत, मनीराम साहू, अन्नूराम साहू, सतनाम पनाग, अशोक ठाकुर, मनीष शर्मा, नट्टू भिंसरा, रवि प्रधान, सौमित्र मिश्रा, दिनेश तिवारी, हरिश साहू, शशिकांत साहू, बिट्टू पाण्डेय, बृजभूषण शुक्ला, मन्नू वाजपेयी, सोनू ठाकुर, कुलदीप ध्रुव, अपराजित तिवारी, संजीव नायडू, संदीप सिरमोर, अभिषेक ठाकुर, संदीप कटारिया, शानू दीवान, राजेन्द्र साहू, सूरज साहू, कृष्णा नायक, दानी वर्मा, हर्षित जायसवाल, दिलीप गुप्ता, आयुष दीवान, मेहताब हुसैन, भक्कू विनोद कश्यप, कुणाल दुबे, आजाद वर्मा, अशोक शर्मा, मनोज पटनायक, उमेश साहनी, मीत गोपाल, अजय निषाद, राजू शर्मा, जाफर खोखर, शुभम शर्मा समेत भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पीड़ित आम जनता उपस्थित रही।

प्रदर्शन के दौरान प्रकाशित खबर का हिस्‍सा

पूर्व विधायक विकास उपाध्याय के नेतृत्व में बड़ा एक्शन

रायपुर पश्चिम के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय (Vikas Upadhyay) के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता डंगनिया स्थित छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल (CSPDCL) मुख्यालय का घेराव करने पहुंचे।

प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इतना जबरदस्त था कि उन्होंने देखते ही देखते कंपनी मुख्यालय के दोनों मुख्य द्वारों (Main Gates) को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया। कांग्रेसियों के इस अचानक हुए बड़े प्रदर्शन की वजह से पूरे डंगनिया बिजली मुख्यालय परिसर के सामने भारी तनाव का माहौल (Tense Atmosphere) निर्मित हो गया है।

स्थिति की गंभीरता और सुरक्षा व्यवस्था (Security Arrangements) को ध्यान में रखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल (Police Force) भी तैनात कर दिया गया है। पुलिस लगातार स्थिति को नियंत्रण में लेने का प्रयास कर रही है।

गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से जनता बेहाल

कांग्रेस नेताओं का साफ आरोप है कि राज्य सरकार और बिजली विभाग पूरी तरह से मिसमैनेजमेंट (Mismanagement) का शिकार हो चुके हैं। अघोषित बिजली कटौती (Unannounced Power Cuts) ने बच्चों, बुजुर्गों और व्यापारियों का जीना मुहाल कर दिया है।

प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगों पर जोर दिया जा रहा है:

  • लोड शेडिंग बंद हो: राजधानी सहित पूरे प्रदेश में तुरंत अघोषित लोड शेडिंग (Load Shedding) पर रोक लगाई जाए।
  • अधिकारियों की जवाबदेही: फॉल्ट और मेंटेनेंस (Maintenance) के नाम पर घंटों बिजली बंद रखने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
  • निर्बाध बिजली आपूर्ति: इस भीषण गर्मी में नागरिकों को २४ घंटे निर्बाध बिजली सप्लाई (Interrupted Power Supply) सुनिश्चित की जाए।

मुख्यालय के सामने डटे कांग्रेसी, तनाव बरकरार

फिलहाल डंगनिया मुख्यालय के बाहर माहौल अभी भी गर्माया हुआ है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का साफ कहना है कि जब तक उच्च अधिकारी और सरकार की तरफ से बिजली व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त करने का कोई ठोस और लिखित आश्वासन (Written Assurance) नहीं मिल जाता, तब तक उनका यह धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम समाप्त नहीं होगा।

दूसरी तरफ, पुलिस प्रशासन आंदोलनकारियों को शांत कराने और दोनों मुख्य द्वारों को खुलवाने के लिए लगातार बातचीत (Negotiation) का दौर चला रहा है। इस प्रदर्शन की वजह से डंगनिया मार्ग पर यातायात भी आंशिक रूप से प्रभावित हुआ है।

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
Back to top button