
नवा रायपुर (chaturpost.com)। छत्तीसगढ़ के शहरी इलाकों को पूरी तरह से गार्बेज फ्री (garbage free) और अत्यधिक स्वच्छ बनाने की दिशा में विष्णुदेव साय सरकार ने एक बेहद बड़ा कदम उठाया है. स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 (Swachh Bharat Mission-Urban 2.0) के अंतर्गत राज्य के 45 नगरीय निकायों (Urban Local Bodies) में आकांक्षीय शौचालय (यूरिनल सहित) (Aspirational Toilets with Urinals) के निर्माण को हरी झंडी दे दी गई है.
राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA – State Urban Development Agency) के सह मिशन डायरेक्टर शशांक पांडेय की तरफ से जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (Ministry of Housing and Urban Affairs) ने इस महत्वाकांक्षी कार्य-योजना (Action Plan) को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है. प्रशासन ने सभी संबंधित नगर पालिक निगमों के आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR – Detailed Project Report) तैयार कर तुरंत भेजने के निर्देश दिए हैं.
एयरपोर्ट जैसी लग्जरी सुविधाएं: इन शौचालयों के भीतर कदम रखते ही दिखेगा फाइव-स्टार नजारा
स्वीकृत किए गए ये आकांक्षीय शौचालय आम सार्वजनिक शौचालयों जैसे नहीं होंगे। इनमें यात्रियों और आम नागरिकों के लिए वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर (world-class infrastructure) और सुविधाएं दी जाएंगी, जो इस प्रकार हैं:
- सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन: महिलाओं की सुविधा के लिए लेडीज टॉयलेट्स में सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन (Vending Machine) लगाई जाएगी.
- इंसीनरेटर सुविधा (Incinerator Facility): 10 सीटर से बड़े और महिला कॉलेजों/होस्टलों के पास बनने वाले शौचालयों में उपयोग किए गए नैपकिन के सुरक्षित निपटान के लिए मशीन होगी.
- बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था: बच्चों के लिए कम ऊंचाई वाले टॉयलेट्स (Low height toilets) और बेसिन लगाए जाएंगे.
- एयर फ्रेशनर और हैंड ड्रायर: टॉयलेट परिसर को हमेशा महकता रखने के लिए एयर फ्रेशनर (Air freshener) और हाथ सुखाने के लिए हैंड ड्रायर की सुविधा होगी.
- रिवेन्यू जनरेशन (Revenue Generation): इन टॉयलेट्स की दीवारों पर विज्ञापन (Advertisement) के लिए विशेष जगह होगी, जिससे नगर निकाय कमाई कर सकेंगे.
- कम्प्लेंट रिड्रेसल सिस्टम: किसी भी शिकायत के लिए स्वच्छता ऐप (Swachhata App) या हेल्पलाइन 1969 के जरिए 24 घंटे में समस्या का समाधान (Complaint resolution) किया जाएगा.
लागत का गणित: 10 सीटर के लिए मिलेंगे 28.20 लाख रुपये
केंद्र सरकार ने इन आधुनिक आकांक्षीय शौचालयों (Aspirational Toilets) के निर्माण के लिए एक बड़ी वित्तीय सीमा (Financial Limit) तय की है, जिससे इनके निर्माण की गुणवत्ता में कोई कमी न आए:
- टाईप-1 (10 सीटर शौचालय): प्रति इकाई अधिकतम लागत राशि रूपये 28.20 लाख निर्धारित की गई है.
- टाईप-2 (6 सीटर शौचालय): प्रति इकाई अधिकतम लागत राशि रूपये 16.92 लाख तय की गई है.
इको-फ्रेंडली तकनीक (Water Recycling): इस योजना की सबसे खास बात यह है कि प्रत्येक आकांक्षीय शौचालय में बाथरूम और बेसिन से निकलने वाले उपयोग किए गए पानी (Grey Water) को बकायदा ट्रीट (उपचारित) किया जाएगा। इसके बाद इसी रीसाइकल वाटर (Recycled Water) का उपयोग शौचालयों के फ्लशिंग के लिए दोबारा किया जाएगा।
5 सालों तक मेंटेनेंस की जिम्मेदारी, निकायों को मिली गाइडलाइन
SUDA द्वारा जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि सभी नगरीय निकायों को अपने प्रस्ताव में कम से कम 05 वर्षों का संचालन एवं संधारण (O&M – Operation & Maintenance) प्रस्ताव अनिवार्य रूप से शामिल करना होगा। इसके साथ ही, यह भी सुनिश्चित करना होगा कि प्रस्ताव में स्वच्छ सर्वेक्षण (Swachh Survekshan) और ODF+ / ODF++ के सभी कड़े प्रावधान शामिल हों। इसके अलावा, ये सभी शौचालय गूगल मैप्स (Google Maps) पर ‘SBM Toilet’ के नाम से आसानी से सर्च किए जा सकेंगे।
चेक करें अपने शहर की लिस्ट: कहांं कितने ब्लॉक और सीटें होंगी स्वीकृत?
इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ के कुल 45 निकायों में 59 शौचालय ब्लॉक बनाए जाएंगे, जिनमें कुल 506 सीटें और 506 मूत्रालय शामिल होंगे। नीचे दी गई तालिका (Table) से समझें प्रमुख शहरों का पूरा गणित:
| क्र. | नगरीय निकाय का नाम (ULB Name) | शौचालय ब्लॉक संख्या | कुल सीट संख्या | मूत्रालयों की संख्या |
| 1 | अंबिकापुर (Ambikapur) | 04 | 32 | 32 |
| 2 | भिलाई (Bhilai) | 01 | 06 | 06 |
| 3 | बीरगांव (Birgaon) | 01 | 10 | 10 |
| 4 | दुर्ग (Durg) | 02 | 16 | 16 |
| 5 | राजनांदगांव (Rajnandgaon) | 02 | 20 | 20 |
| 6 | रिसाली (Risali) | 01 | 06 | 06 |
| 7 | बेмеतरा (Bemetara) | 02 | 16 | 16 |
| 8 | जशपुरनगर (Jashpurnagar) | 02 | 16 | 16 |
| 9 | सारंगढ़ (Sarangarh) | 02 | 16 | 16 |
| 10 | मरवाही (Marwahi) | 01 | 10 | 10 |
| 11 | गीदम (Geedam) | 01 | 10 | 10 |
| 12 | देवभोग (Devbhog) | 02 | 16 | 16 |
(नोट: इसके अलावा तमनार, सक्ती, डोंगरगढ़, लखनपुर, पामगढ़, पलारी सहित प्रदेश के कुल 45 छोटे-बड़े शहरों में इस योजना को लागू किया जा रहा है।)
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Chaturpost View: छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम प्रदेश के शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को बदलने वाला साबित होगा। इससे न केवल पर्यटन स्थलों (Tourist Destinations) और भारी भीड़भाड़ वाले इलाकों (High Footfall Areas) में स्वच्छता बढ़ेगी, बल्कि महिलाओं और बच्चों को भी एक सुरक्षित और स्वच्छ माहौल मिल सकेगा। इस योजना से जुड़े हर ग्राउंड अपडेट (Ground Updates) के लिए chaturpost.com को फॉलो करना न भूलें।







