
नवा रायपुर (चतुरपोस्ट ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ में जमीन खरीदने, घर बनाने और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स या इंडस्ट्री स्थापित करने वाले लोगों के लिए एक बेहद जरूरी और बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार के आवास एवं पर्यावरण विभाग (Housing and Environment Department) ने रियल एस्टेट सेक्टर और आम जनता को सीधे प्रभावित करने वाला एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने वर्षों पुराने भूमि नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए एक नई आधिकारिक अधिसूचना (Official Notification) जारी कर दी है।
मंत्रालय (महानदी भवन) से जारी आदेश के अनुसार, राज्य सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984′ में व्यापक संशोधन (Amendments) किए हैं। यह नई नीति छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 (Chhattisgarh Nagar Tatha Gram Nivesh Adhiniyam, 1973) के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए लागू की गई है। विशेष सचिव देवेन्द्र सिंह भारद्वाज के हस्ताक्षर से जारी यह अधिसूचना छत्तीसगढ़ राजपत्र में भी प्राधिकार से प्रकाशित कर दी गई है। इस बदलाव के बाद अब प्रदेश में आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक गतिविधियों के लिए जमीन का वर्गीकरण पूरी तरह बदल गया है।
क्यों पड़ा नियमों को बदलने का नया मोड़? (Transition Words & Context)
समय के साथ शहरों का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में Urban Development (शहरी विकास) को एक सही दिशा देने और अवैध निर्माण पर रोक लगाने के लिए नियमों में स्पष्टता जरूरी थी। इसके अलावा (Furthermore), पूर्व में इन संशोधनों का प्रारूप आम जनता और सरोकारों से जुड़े लोगों की आपत्तियों और सुझावों के लिए पहले ही प्रकाशित किया जा चुका था। अब सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद इसे कानूनी रूप से लागू कर दिया गया है। नए नियमों में सबसे ज्यादा ध्यान इस बात पर दिया गया है कि कौन सी जमीन पर क्या काम किया जा सकता है और क्या नहीं, यानी अब एक सख्त Negative List (प्रतिबंधित सूची) तैयार की गई है।
आवासीय और वाणिज्यिक जमीनों के लिए नया वर्गीकरण (Land Use Classification)
नए नियमों के तहत उपयोग श्रेणियों और गतिविधियों की एक लंबी सूची तैयार की गई है। इसे मुख्य रूप से अलग-अलग कोड्स में विभाजित किया गया है:
औद्योगिक और सार्वजनिक उपयोगिताओं के कड़े नियम (Industrial & Public Utilities)
इसके अतिरिक्त (In addition to this), उद्योगों के लिए छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के नियमों को आधार बनाया गया है। उद्योगों को छह अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है, जिसमें श्वेत उद्योग (White), हरित उद्योग (Green), नारंगी (Orange), लाल (Red), और नीला (Blue) उद्योग शामिल हैं।
वहीं दूसरी ओर, सार्वजनिक एवं अर्द्ध-सार्वजनिक (Public and Semi-Public – PSP) श्रेणी में शैक्षणिक संस्थानों (E1 और E2) को रखा गया है, जिसमें प्ले स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय और कोचिंग सेंटर तक शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवाओं (H1 और H2) के अंतर्गत अस्पतालों, रिसर्च लैब और 50 बिस्तरों तक के नर्सिंग होम व पैथोलॉजी लैब्स को वर्गीकृत किया गया है। सभा भवनों की श्रेणी में मैरिज हॉल, सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स को स्थान मिला है।
भवन की ऊंचाई के अनुसार अब छोड़नी होगी इतनी जगह (New Setback Rules)
यदि आप छत्तीसगढ़ में बहुमंजिला इमारत या बड़ा मकान बनाने जा रहे हैं, तो आपके लिए नियम 56 के तहत बनाई गई सारणी 5 को समझना बेहद जरूरी है। सरकार ने भवन की ऊँचाई के अनुपात में भूखंड पर सामने के भाग को छोड़कर चारों ओर छोड़े जाने वाले खुले स्थान (Setback) को अनिवार्य कर दिया है:
भूलकर भी न करें ये काम: प्रतिबंधित जमीनों की निगेटिव लिस्ट (Negative List Rules)
नियम 38 के तहत सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि किस लैंड यूज वाली जमीन पर कौन सा काम पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। उदाहरण के लिए (For example):
- आवासीय क्षेत्रों में: बड़े कमर्शियल हब (C1, C3), लाल या नारंगी श्रेणी के उद्योग, विश्वविद्यालय (E1), बड़े अस्पताल (H1) और श्मशान घाट या कचरा प्रबंधन प्लांट (PU4) पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।
- वाणिज्यिक क्षेत्रों में: होटल और हॉस्टल्स (R3) को छोड़कर सामान्य आवासीय घर, भारी उद्योग और कृषि गतिविधियां पूरी तरह से बैन रहेंगी।
- कृषि क्षेत्रों में: कृषि फार्महाउस (R4), चुनिंदा बड़े मॉल्स (C4) और कुछ विशिष्ट सार्वजनिक सेवाओं को छोड़कर भारी औद्योगिक गतिविधियां और बड़े शहरी निर्माण प्रतिबंधित रहेंगे।
चतुरपोस्ट एनालिसिस: आम जनता और बिल्डर्स पर क्या होगा असर?
आवास एवं पर्यावरण विभाग द्वारा किए गए इस नीतिगत बदलाव से रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता आएगी। नियम 61 की सारणी 7 में किए गए बदलावों के तहत अब कुछ प्रविष्टियों के स्थान पर स्पष्ट रूप से “1.50” अंक प्रतिस्थापित किया गया है, जो तकनीकी मापदंडों को सरल बनाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि भवनों के चारों ओर छोड़ी जाने वाली जगह के नए नियमों से रिस्क मैनेजमेंट और फायर सेफ्टी (अग्निशमन सुरक्षा) में सुधार होगा। हालांकि, छोटे भूखंडों पर निर्माण करने वाले लोगों को अब योजना बेहद सोच-समझकर बनानी होगी, क्योंकि साइड मार्जिन और सेटबैक नियमों का उल्लंघन करने पर सीधे तौर पर अवैध निर्माण की कार्रवाई की जा सकती है। यह नया कानून पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
1. उपयोग श्रेणी वर्गीकरण एवं गतिविधियों की सूची (नियम 37)
नियम 37 के स्थान पर अब एक नई विस्तृत सारणी प्रतिस्थापित की गई है, जिसमें विभिन्न भू-उपयोग श्रेणियों (Land Use Categories), उनकी उप-श्रेणियों (Codes) और उनमें स्वीकृत गतिविधियों को स्पष्ट किया गया है:
आवासीय श्रेणी (Residential – R)
- R1: आवासीय कॉलोनी, आवासीय घर, आवासीय-सह-कार्यस्थल और समूह आवास।
- R2: रात्रि आश्रय, धर्मशालाएँ, लॉजिंग/बोर्डिंग, आश्रय स्थल, विश्राम गृह और सार्वजनिक उपयोग से संबंधित आवास।
- R3: छात्रावास, शयनागार (डोरमेटरी) और सार्वजनिक संस्थान के कर्मचारी आवास।
- R4: फार्महाउस, किफायती आवास परियोजनाएँ और एकीकृत उपनगर।
- R5: 60 वर्ग मीटर तक के उद्योग से संबद्ध आवास, छात्रावास और शयनागार (डोरमेटरी)।
वाणिज्यिक श्रेणी (Commercial – C)
- C1: जिला वाणिज्यिक केंद्र, मंडी बाजार क्षेत्र, वाणिज्यिक परिसर, वित्तीय संस्थान, एक्सचेंज, कॉल सेंटर, प्रेस कॉम्प्लेक्स/प्रिंटिंग प्रेस, कोयला और लकड़ी डिपो।
- C2: पड़ोस स्तरीय/स्थानीय व्यावसायिक केंद्र, अनौपचारिक बाजार, वाणिज्यिक-सह-आवासीय, होटल, गेस्ट हाउस, वाणिज्यिक कार्यालय, सेवा केंद्र, गैस एजेंसी कार्यालय, इंटरनेट कैफे, बेकरी, भोजनालय/रेस्तरां, डिपार्टमेंटल स्टोर, सुविधाएं/उपहार/प्रिंटिंग/हार्डवेयर दुकानें, क्लब, बार, व्यायामशाला, स्वास्थ्य क्लब, वेलनेस सेंटर, स्पा, पेट्रोल और गैस रिफिलिंग स्टेशन, आटा मिलें (अधिकतम 15 एचपी क्षमता), हल्के मोटर वाहन मरम्मत कार्यशालाएं/गैराज, दुकान-सह-कार्यशाला, और सांस्कृतिक/हस्तशिल्प की दुकान।
- C3: कोल्ड स्टोरेज, माल गोदाम, वेयरहाउस और गैस गोदाम।
- C4: स्टार होटल, मॉल, ओपन मॉल, मोटर गैराज और वर्कशॉप।
औद्योगिक श्रेणी (Industrial – I)
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के वर्गीकरण के आधार पर इसे 6 उप-श्रेणियों में बांटा गया है:
- I1: घरेलू और कुटीर उद्योग
- I2: श्वेत उद्योग (White Industry)
- I3: हरित उद्योग (Green Industry)
- I4: नारंगी उद्योग (Orange Industry)
- I5: लाल उद्योग (Red Industry)
- I6: नीला उद्योग (Blue Industry)
सार्वजनिक एवं अर्द्ध-सार्वजनिक (Public & Semi-Public – PSP)
- शिक्षा (E1 & E2): विश्वविद्यालय, विशिष्ट संस्थान, कोचिंग सेंटर, ट्यूशन क्लास, प्ले स्कूल से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालय और तकनीकी/गैर-तकनीकी कॉलेज।
- स्वास्थ्य (H1 & H2): सभी प्रकार के अस्पताल, अनुसंधान प्रयोगशालाएं (H1); संक्रामक बीमारियों के अतिरिक्त 50 बिस्तरों तक के अस्पताल, डायग्नोस्टिक सेंटर, नर्सिंग होम, क्लीनिक, पैथोलॉजी लैब और फार्मा स्टोर (H2)।
- सभा भवन (A1, A2, A3): कॉन्फ्रेंस हॉल, स्मारक (A1); विवाह भवन, सामुदायिक भवन, पुस्तकालय, ऑडिटोरियम, सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स, मिनीप्लेक्स (A2); ओपन-एयर थिएटर और संग्रहालय (A3)।
- सार्वजनिक उपयोगिता (PU-1 से PU-4): PSU, पुलिस लाइन, कारागार, प्रसारण केंद्र, पावर प्लांट (PU-1); शासकीय/अर्ध-शासकीय कार्यालय (PU-2); थाना, डाकघर, बैंक, एटीएम, बिजली/जलापूर्ति केंद्र, टेलीफोन टॉवर (PU-3); श्मशान घाट, कब्रिस्तान, मलजल निपटान केंद्र, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट (PU-4)।
आमोद-प्रमोद (Recreational – RC)
- RC-1: राष्ट्रीय उद्यान, चिड़ियाघर, पक्षी अभयारण्य, स्टेडियम, इनडोर स्टेडियम, खेल का मैदान, स्विमिंग पूल, शूटिंग रेंज, पिकनिक और हॉलीडे रिसॉर्ट। (नोट: मनोरंजनात्मक गतिविधियों हेतु रेस्तरां/भोजनालय न्यूनतम 1 एकड़ क्षेत्रफल पर अधिकतम 5% निर्मित क्षेत्र के साथ ही अनुज्ञेय होंगे।)
- RC-2: उद्यान, पौधशाला, पार्क, खेल प्रशिक्षण केंद्र, बाल यातायात उद्यान, प्ले स्कूल और शिशु देखभाल केंद्र।
परिवहन (Transportation – TR)
- TR1: गुड्स टर्मिनल, ट्रांसपोर्ट नगर, हवाई अड्डे, शुष्क बंदरगाह (Dry Ports), आवश्यक कर्मचारी आवास, जलपान कक्ष आदि।
- TR2: बस स्टॉप, टैक्सी स्टैंड, पार्किंग स्थल, वाहन पार्किंग क्षेत्र और हेलीपैड।
- TR3: धर्मकाँटा, वाहन विश्राम क्षेत्र, बस डिपो, बस टर्मिनल, ट्रक स्टैंड और ट्रक टर्मिनल।
कृषि (Agriculture – AG)
- कृषि, बागवानी, वानिकी, चारागाह, मुर्गी पालन, डेयरी फार्म, मोटल, ढाबा, ईंट भट्ठा, स्टोन क्रशिंग, सौर ऊर्जा संयंत्र, अनाज-आधारित बायो-एथेनॉल संयुक्त-कैप्टिव विद्युत संयंत्र, और ग्रामीण बसाहटों से 500 मीटर तक सार्वजनिक सेवा सुविधाएं।
धार्मिक, सांस्कृतिक (R एवं C) एवं अस्थायी उपयोग (TU)
- धार्मिक और सांस्कृतिक भवन, मंदिर, चर्च, मस्जिद।
- अस्थायी उपयोग (TU): साप्ताहिक बाजार, मेला और प्रदर्शनी मैदान।
2. भू-उपयोग अनुसार प्रतिबंधित (नकारात्मक) उपयोग श्रेणियां (नियमित 38)
विभिन्न भूमि उपयोगों के अंतर्गत जो गतिविधियां पूर्णतः प्रतिबंधित (Negative List) रहेंगी, उनकी सूची इस प्रकार है:
| स.क्र. | भूमि उपयोग (Land Use) | प्रतिबंधित उप-श्रेणियां (Prohibited Sub-categories) |
| 1. | आवासीय (Residential) | C1, C3, (I1 व I2 को छोड़कर शेष सभी I), E1, H1, PU1, PU4, RC1, TR1, TR3, AG |
| 2. | वाणिज्यिक (Commercial) | (R3 को छोड़कर शेष सभी R), I4, I5, E1, H1, PU1, PU4, RC1, TR1, AG |
| 3. | औद्योगिक (Industrial) | (R5 को छोड़कर शेष सभी R), (C3 को छोड़कर शेष सभी C), (PU3 को छोड़कर शेष सभी PSP), RC1, TR1, AG |
| 4. | सार्वजनिक तथा अर्द्ध-सार्वजनिक | (R3 को छोड़कर शेष सभी R), (C4 को छोड़कर शेष सभी C), I, RC1, TR1, TR3, AG |
| 5. | आमोद-प्रमोद (Recreational) | R, C, I, (A3 को छोड़कर शेष सभी PSP), TR1, TR3, AG |
| 6. | परिवहन (Transportation) | R, (C3 को छोड़कर शेष सभी C), I, PSP, RC1, AG |
| 7. | कृषि (Agriculture) | (R4 को छोड़कर शेष सभी R), (C4 को छोड़कर शेष सभी C), (A3, PU3 एवं PU4 को छोड़कर शेष सभी PSP), I, RC1, TR |
3. भवनों की ऊँचाई और उनके चारों ओर छोड़े जाने वाले खुले स्थान (नियम 56)
नियम 56 के उप-नियम (6) की सारणी 5 में बदलाव कर भवनों की ऊँचाई के अनुसार सामने के भाग को छोड़कर चारों ओर छोड़े जाने वाले न्यूनतम खुले स्थान (Open Spaces/Setbacks) को निम्नानुसार निर्धारित किया गया है:
| स.क्र. | भवन की ऊँचाई (मीटर में) | भवन के चारों ओर छोड़े जाने वाले स्थान (न्यूनतम मीटर में) |
| 1. | 10 मीटर तक | 3 मीटर |
| 2. | 15 मीटर तक | 5 मीटर |
| 3. | 18 मीटर तक | 6 मीटर |
| 4. | 21 मीटर तक | 7 मीटर |
| 5. | 24 मीटर तक | 8 मीटर |
| 6. | 27 मीटर तथा उससे अधिक | 9 मीटर |
4. अन्य महत्वपूर्ण संशोधन (नियम 49 और नियम 61)
- नियम 49 (सारणी 4 की टीप): विभिन्न जन-सुविधाओं (जैसे स्कूल आदि) के लिए भूखंड का न्यूनतम आकार अब संबंधित स्कूल शिक्षा बोर्ड, नियामक प्राधिकारी या सक्षम प्राधिकारी द्वारा विहित किए गए नियमों के अनुसार तय होगा। निम्न आय वर्ग (LIG) गृह निर्माण के लिए अनिवार्य सुविधाओं की आवश्यकताएं परिशिष्ट (घ) के अनुरूप रहेंगी।
- नियम 61 (सारणी 7): सरल क्रमांक 1 और सरल क्रमांक 3 के कॉलम (3) में विकास आयोजना के प्रावधानों और पूर्व निर्धारित “1.00” अंक के स्थान पर अब स्पष्ट रूप से “1.50” प्रतिस्थापित किया गया है।
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