Chhattisgarh

ACB Trap News: छत्तीसगढ़ में एंटी करप्शन ब्यूरो का ऐक्शन! घूस लेते रंगेहाथ धरे गए दो सरकारी बाबू, दफ्तरों में हड़कंप

कोरबा/रायगढ़ (chaturpost.com) छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार (Corruption) के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक ही दिन में दो अलग-अलग जिलों में बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। सूबे के कोरबा और रायगढ़ जिलों में एसीबी की टीमों ने जाल बिछाकर दो रिश्वतखोर बाबुओं (Corrupt Clerks) को हजारों रुपये की नगद घूस लेते हुए रंगेहाथ (Red-handed) गिरफ्तार किया है।

एसीबी के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार (According to official ACB sources), पहली कार्रवाई कोरबा जिले के खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय में हुई, जबकि दूसरा बड़ा ऐक्शन रायगढ़ के तहसील कार्यालय में देखने को मिला। इस ताबड़तोड़ प्रशासनिक कार्रवाई (Administrative Action) के बाद से पूरे प्रदेश के सरकारी महकमों में हड़कंप मच गया है।

मामला नंबर 1: कोरबा में रिटायरमेंट से पहले प्रधान पाठक से मांगी घूस!

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से भ्रष्टाचार का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। यहाँ एक शिक्षक को उसकी ही गाढ़ी कमाई और जीपीएफ कटौती (GPF Deduction) की एंट्री के नाम पर प्रताड़ित किया जा रहा था।

खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय (BEO Office), पोड़ी उपरोड़ा में पदस्थ बाबू प्रदीप मिश्रा ने एक सेवानिवृत्त होने वाले प्रधान पाठक से उनकी जीपीएफ पासबुक में एंट्री करने के एवज में 40,000 रुपये की मोटी घूस की डिमांड की थी।

रिटायरमेंट की पासबुक रोकने का खेल

शिकायतकर्ता अमृत लाल बघेल वर्तमान में प्राथमिक शाला रोगदा (ब्लॉक करतला, जिला कोरबा) में प्रधान पाठक (Headmaster) के पद पर कार्यरत हैं। वे मई 2026 में सेवानिवृत्त (Retired) होने वाले हैं। इससे पहले वे पोड़ी उपरोड़ा क्षेत्र में पदस्थ थे।

अपनी पदस्थापना अवधि के दौरान जीपीएफ कटौती की राशि को पासबुक में दर्ज कराने के लिए उन्होंने अपनी जीपीएफ पासबुक पोड़ी उपरोड़ा बीईओ कार्यालय के बाबू प्रदीप मिश्रा के पास जमा की थी। जब प्रार्थी ने पासबुक की जानकारी मांगी, तो बाबू ने स्पष्ट रूप से कह दिया कि बिना 40 हजार रुपये की रिश्वत (Bribe) दिए पासबुक आगे नहीं बढ़ेगी।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कोरबा में ट्रैप

प्रधान पाठक अमृत लाल बघेल रिश्वतखोर बाबू के आगे झुकना नहीं चाहते थे, बल्कि वे उसे कानून के हाथों सबक सिखाना चाहते थे। इसके परिणामस्वरूप (Consequently), उन्होंने मामले की लिखित शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो बिलासपुर (ACB Bilaspur) की टीम से कर दी।

मामला नंबर 2: रायगढ़ तहसील कार्यालय में खसरा बी-1 सुधार के नाम पर 1 लाख की मांग!

भ्रष्टाचार का दूसरा बड़ा और चौंकाने वाला मामला रायगढ़ जिले से सामने आया है, जहाँ एक गरीब किसान को उसकी जमीन के दस्तावेजों में सुधार के लिए परेशान किया जा रहा था। रायगढ़ तहसील कार्यालय (Tehsil Office) में पदस्थ क्लर्क तुलाराम पटेल को एसीबी की टीम ने 60,000 रुपये की घूस की पहली किस्त लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।

किसान से सौदा: 1 लाख की मांग, 60 हजार में तय हुआ सौदा

दरअसल, रायगढ़ जिले के ग्राम धसकामुड़ा के निवासी किसान भानुप्रताप पटेल अपने खसरा के बी-1 दस्तावेज में हुई लिपिकीय त्रुटि (Clerical Error) में सुधार करवाने के लिए पिछले कई दिनों से तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहे थे।

दफ्तर में उनकी मुलाकात क्लर्क (Clerk) तुलाराम पटेल से हुई। तुलाराम ने पीड़ित किसान की मजबूरी का फायदा उठाते हुए बी-1 में त्रुटि सुधार करने के एवज में सीधे 1 लाख रुपये की रिश्वत मांग ली। गरीब किसान ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, जिसके बाद काफी मान-मनौव्वल के बाद सौदा 60 हजार रुपये में फाइनल हुआ।

रायगढ़ तहसील में मची अफरा-तफरी, बाबू गिरफ्तार

पीड़ित किसान भानुप्रताप रिश्वतखोर क्लर्क को बेनकाब करना चाहता था। उसने तुरंत इसकी गुप्त शिकायत एसीबी (ACB Team) से कर दी। एसीबी की टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जाल बिछाया (Laid a Trap)।

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एक्शन का दिन: जैसे ही तय योजना के अनुसार किसान भानुप्रताप ने क्लर्क तुलाराम पटेल को घूस की रकम की पहली किस्त के रूप में 60,000 रुपये थमाए, वैसे ही सादे कपड़ों में छिपी एसीबी की टीम ने धावा बोलकर उसे रंगेहाथ दबोच लिया।

इस अचानक हुई छापेमारी (Surprise Raid) से पूरी तहसील परिसर में अफरा-तफरी और हड़कंप मच गया। कार्यालय में मौजूद अन्य अधिकारी और कर्मचारी अपनी सीटें छोड़कर भागने लगे। एसीबी की टीम ने तुलाराम पटेल को तुरंत हिरासत में ले लिया।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज

निश्चित रूप से (Certainly), छत्तीसगढ़ सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) नीति के तहत की गई इस कार्रवाई से आम जनता के बीच एक सकारात्मक संदेश गया है। सरकारी दफ्तरों में काम कराने के नाम पर जनता को प्रताड़ित करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए यह कार्रवाई एक कड़ा सबक है।

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S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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