
रायपुर। न्यूज डेस्क। बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन (Transmission) और ग्रिड कनेक्टिविटी (Grid Connectivity) को लेकर केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (CERC) ने एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया है. आयोग ने केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन सिस्टम पर कनेक्टिविटी और जनरल नेटवर्क एक्सेस) विनियम, 2022 में चौथे संशोधन के लिए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन (Draft Notification) जारी कर दिया है.
इस नए बदलाव से देश भर के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के बिजली उत्पादकों, रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपर्स (REGS) और एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (ESS) ऑपरेटरों पर सीधा असर पड़ने वाला है. इस संशोधन के जरिए रेगुलेटर (Regulator) ने ट्रांसमिशन सिस्टम के नियमों को और अधिक पारदर्शी और लचीला बनाने का प्रयास किया है.
LAND BG की नई परिभाषा और नियम शामिल
CERC द्वारा जारी इस नए मसौदे में LAND BG (बैंक गारंटी) को विशेष रूप से परिभाषित किया गया है. नए नियमों के मुताबिक, रेगुलेशन 5.8 के तहत जमीन के बदले दी जाने वाली बैंक गारंटी को अब ‘LAND BG’ कहा जाएगा.
इसके साथ ही, यदि कोई एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (ESS) डेवलपर (पंप स्टोरेज प्लांट को छोड़कर) आवेदन करता है, तो उसके लिए बैंक गारंटी की राशि 5 लाख रुपये प्रति मेगावाट (Rs 5 lakh/MW) तय की गई है. इस ट्रांजिशन (Transition) से छोटे और मध्यम रिन्यूएबल डेवलपर्स को बड़ी वित्तीय राहत मिलने की उम्मीद है.
2 वर्ष से अधिक की देरी पर फुल कनेक्टिविटी विड्रॉल (Withdrawal) की सुविधा
बिजली क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (Infrastructure Development) में सबसे बड़ी समस्या समय पर कनेक्टिविटी न मिलना है. इसे देखते हुए CERC ने अपने नए ड्राफ्ट में एक ऐतिहासिक प्रावधान जोड़ा है:
- · यदि इन-प्रिंसिपल ग्रांट (In-principle grant) में बताई गई संभावित तारीख और फाइनल ग्रांट (Final grant) की तारीख के बीच 2 साल या उससे अधिक का अंतर होता है, तो डेवलपर को बड़ी राहत मिलेगी.
- · ऐसी स्थिति में संबंधित बिजली कंपनी अपनी पूरी कनेक्टिविटी क्वांटम (Full Connectivity Quantum) को वापस (Withdraw) ले सकती है.
- · इसके साथ ही कंपनी को उसकी सभी बैंक गारंटियां (Conn-BGs और LAND BG) पूरी तरह वापस कर दी जाएंगी.
- शर्त: यह अनुरोध फाइनल ग्रांट की सूचना मिलने के 30 दिनों के भीतर नोडल एजेंसी (Nodal Agency) को करना होगा.
GNA ट्रांसफर (Transfer of GNA) का रास्ता साफ
इस संशोधन की एक और बड़ी यूटिलिटी (Utility) यह है कि अब जनरल नेटवर्क एक्सेस (GNA) को ट्रांसफर करना संभव होगा. ड्राफ्ट के मुताबिक, यदि किसी चिन्हित लोड (Identified Load) के लिए सिंगल पॉइंट पर GNA मंजूर किया गया है और वह पूरा लोड या प्लांट किसी दूसरी कंपनी को बेच दिया जाता है, तो GNA भी नए मालिक के नाम पर ट्रांसफर हो जाएगा. हालांकि, इसके लिए पुराने सभी बकाया बकायों (Dues) को पूरी तरह क्लियर करना अनिवार्य होगा.
सोर्स चेंज (Source Change) के लिए देनी होगी फीस
आयोग ने ग्रिड ट्रांसमिशन की प्लानिंग को बेहतर बनाने के लिए सेकेंडरी कीवर्ड्स (Secondary Keywords) जैसे ‘फिजिकल क्लोजर’ और ‘सोर्स चेंज’ पर भी नए नियम बनाए हैं. अब कनेक्टिविटी की पक्की तारीख से 6 महीने पहले तक बदलाव की अर्जी देनी होगी. वहीं, यदि कोई डेवलपर दूसरी बार अपना पावर सोर्स बदलना (Second Source Change) चाहता है, तो उसे 50,000 रुपये प्रति मेगावाट की दर से फीस का भुगतान करना होगा.
क्या होगा पहले से चालू प्रोजेक्ट्स का? (Transition Provisions)
CERC ने उन प्रोजेक्ट्स का भी ध्यान रखा है जो पहले से ही कमर्शियल ऑपरेशन (COD) में आ चुके हैं:
- · जिन मामलों में चौथे संशोधन के लागू होने की तारीख तक सीओडी (COD) घोषित हुए एक साल का समय बीत चुका है, उन्हें बड़ी राहत दी जाएगी.
- · नोडल एजेंसी नियम प्रभावी होने के एक महीने के भीतर उनकी बची हुई Conn-BG2 और Conn-BG3 गारंटियां वापस लौटा देगी.
- · हालांकि, इसके लिए बिजली कंपनी पर ट्रांसमिशन चार्ज का कोई बकाया नहीं होना चाहिए.
यह नया ड्राफ्ट नोटिफिकेशन (Draft Notification) देश में रिन्यूएबल एनर्जी ग्रिड इंटीग्रेशन और ग्रिड सिक्योरिटी को एक नई दिशा देगा. आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस गजट नोटिफिकेशन के जारी होने के 60 दिनों के भीतर नोडल एजेंसी स्टेकहोल्डर्स के साथ चर्चा कर डिटेल्ड प्रोसीजर (Detailed Procedure) में आवश्यक संशोधन जारी करेगी.
यह ड्राफ्ट रिपोर्ट CERC के आधिकारिक नोटिफिकेशन संख्या No. L-1/261/2021/CERC पर आधारित है, जिसे जनहित में सरल भाषा में विश्लेषित किया गया है. छत्तीसगढ़ और देश के बिजली क्षेत्र की ऐसी ही तकनीकी और सटीक खबरों के लिए पढ़ते रहिए chaturpost.com।







