जॉब करिअर

इन इंजीनियरों पर गिरी गाज

घटिया और स्‍थानीय केबल की आपूर्ति

CSPDCL रायपुर। छत्‍तीसगढ़ की सरकारी बिजली वितरण कंपनी में घटिया ABC केबल (एरियल बंच केबल) आपूर्ति का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में इस मामले में कंपनी के अफसरों और सप्‍लायरों की मिलीभगत का खुलासा हुआ है। इसके आधार पर कंपनी प्रबंधन ने दो इंजीनियरों को निलंबित और एक का ट्रांसफर कर दिया गया है। अभी कुछ और इंजीनियर और सप्‍लायर निशाने पर हैं।

जानिए- क्‍या है मामला

पूरा मामला बिलासपुर रीजन का है। वहां बिजली आपूर्ति बार-बार बाधित हो रही थी। इसकी शिकायत मुख्‍यालय तक पहुंची। साथ में केबल की गुणवत्‍ता खराब होने और भ्रष्‍टाचार का भी आरोप लगा। इसे गंभीरता से लेते हुए कंपनी प्रबंधन ने पूरे मामले की जांच करा दी। इसमें भ्रष्‍टाचार की पूरी कलई खुल गई है।  

CSPDCL उच्‍च स्‍तर पर हुई जांच

कंपनी के अफसरों ने बताया कि शिकायतों को गंभीतर से लेते हुए वितरण कंपनी प्रबंधन ने Executive Engineers रैंक के चार अफसरों जांच के लिए भेजा। सबसे ज्‍यादा शिकायतें बिलासपुर और मुंगेली से मिल रही थी, ऐसे में टीम ने फिल्‍ड से लेकर कंपनी के स्‍टोर तक केबल व अन्‍य उपकरणों की गुणवत्‍ता परखी।

घटिया और स्‍थानीय केबल की आपूर्ति

जांच टीम ने बिलासपुर के सेंदरी और मुंगेली के स्टोर में रखे केबल, कंडक्टर और ट्रांसफार्मर के डीपी चैनल की जांच की। इन उपकरणों के सैंपल लेने के बाद दोनों स्टोर सील करा दिया। सूत्रों के अनुसार जांच में खुलासा हुआ कि ठेकेदारों ने टेंडर में ISI मार्क और BIS प्रमाणित केबल की शर्तों का उल्लंघन करते हुए घटिया और स्थानीय ब्रांड के केबल इस्तेमाल किए। इन केबलों का इंसुलेशन जल्दी पिघल रहा है, जिससे बारिश में फाल्ट और स्पार्किंग की घटनाएं बढ़ गई थी।

CSPDCL इन इंजीनियरों पर गिरी गाज

इस मामले में जांजगीर के कार्यपालन अभियंता एचके मंगेशकर और कोरबा के अभिमन्यु कश्यप को निलंबित कर दिया गया है। जांजगीर के सहायक अभियंता नरेश देवांगन का तबादला भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। अफसरों के अनुसार अभी जांच चल रही है, इसमें और भी अधिकारी निपट सकते हैं।

स्‍पलायरों पर भी सख्‍ती

कंपनी के इंजीनियरों के साथ ही सप्‍लायरों और ठेकेदारों पर भी कार्यवाही की जा रही है। बताया जा रहा है कि दिल्ली की एथटी इलेक्ट्रिकल्स और जांजगीर के भुवनेश्वर साहू को शो-काज नोटिस जारी किया गया है। इन ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुणे की एसटी इलेक्ट्रिकल्स पर धीमे और खराब काम के लिए 20 लाख रुपए का जुर्माना लगाया जा चुका है। जांच में यह भी सामने आया कि कई जगहों पर केबल लगाए बिना ही ठेकेदारों को पूरा भुगतान कर दिया गया।

करोड़ों की खरीदी

अफसरों के अनुसार घटिया केवल की शिकायतें  बिलासपुर, मुंगेली, कोरबा और जांजगीर में सबसे ज्‍यादा मिली हैं। बिलासपुर में 66.72 करोड़, कोरबा में 77 करोड़ और मुंगेली-पेंड्रा में 25.37 करोड़ रुपए के केबल व अन्‍य उपकरणों की खरीदी हुई है। जांच में शामिल अधिकारियों में बिलासपुर के एमएम चंद्राकर, पीके सिंह, धर्मेंद्र भारती और नवीन राठी के अलावा बिलासपुर से अधीक्षण यंत्री पीआर साहू, कार्यपालन यंत्री हेमंत चंद्राकर और एमके पाण्डेय भी जांच में शामिल रहे।

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