
रायपुर (chaturpost.com)। छत्तीसगढ़ के असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए आज का दिन बेहद ऐतिहासिक और कल्याणकारी साबित हुआ है। राज्य सरकार ने इन श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा दायरे (Social Security Cover) का विस्तार करने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई बड़े और अभूतपूर्व कदम उठाए हैं।
आज यानी 09 जुलाई 2026 को राजधानी रायपुर के मंत्रालय महानदी भवन में श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल (Chhattisgarh Unorganized Workers State Social Security Board) की प्रथम बैठक संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक (High-Level Meeting) में श्रमिकों को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने के लिए कई दूरगामी और महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
ई-रिक्शा सहायता योजना का अनुदान सीधे हुआ दोगुना (E-Rickshaw Grant Doubled)
इस बैठक का सबसे बड़ा और क्रांतिकारी फैसला स्वरोजगार (Self-Employment) को बढ़ावा देने से जुड़ा है। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से मंडल ने ई-रिक्शा सहायता योजना (E-Rickshaw Assistance Scheme) में मिलने वाली सब्सिडी में भारी बढ़ोतरी की है।
अब तक इस योजना के अंतर्गत पात्र श्रमिकों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता या अनुदान राशि दी जा रही थी, जिसे अब सीधे बढ़ाकर 1 लाख रुपये (One Lakh Rupees) करने का निर्णय लिया गया है। अनुदान की राशि दोगुनी होने से अब गरीब और असंगठित क्षेत्र के श्रमिक आसानी से अपना खुद का ई-रिक्शा खरीद सकेंगे और सम्मानजनक आजीविका (Livelihood) कमा सकेंगे।
गिग वर्कर्स और चरवाहों के लिए पहली बार बनेंगी विशेष योजनाएं (New Schemes for Gig Workers & Herders)
छत्तीसगढ़ सरकार ने अब आधुनिक कार्यबल और पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोगों को भी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने का फैसला किया है। मंडल ने अपनी प्राथमिकताओं का विस्तार करते हुए कई नए वर्गों के लिए विशेष कल्याणकारी योजना (Special Welfare Schemes) तैयार करने की मंजूरी दी है:
- डिलीवरी बॉयज और गिग वर्कर्स (Gig Workers Welfare): स्विगी, जोमैटो, फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों में डिलीवरी का कार्य करने वाले कर्मकारों (Gig Workers) को अब पहली बार मंडल के दायरे में शामिल किया गया है। उनके लिए एक सुरक्षित और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने वाली योजना बनाई जाएगी।
- चरवाहों का उत्थान (Upliftment of Herders): छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले चरवाहों के सामाजिक और आर्थिक विकास (Socio-Economic Development) के लिए एक पृथक और समर्पित योजना तैयार की जाएगी।
- मेधावी बच्चों को प्रोत्साहन (Education Incentive Scheme): असंगठित कर्मकारों के प्रतिभावान व मेधावी बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक नई शैक्षणिक प्रोत्साहन योजना लाई जाएगी।
- व्यापक बीमा कवर (Comprehensive Insurance Cover): राज्य के सभी पंजीकृत श्रमिकों को एक मजबूत और सुरक्षित सामाजिक सुरक्षा कवच देने के लिए भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के सहयोग से एक व्यापक बीमा योजना तैयार करने पर भी विस्तृत रणनीतिक चर्चा की गई।
शत-प्रतिशत e-KYC और आधार आधारित पंजीयन के कड़े निर्देश (Mandatory Registration)
योजनाओं में पारदर्शिता (Transparency) लाने और बिचौलियों की भूमिका को पूरी तरह समाप्त करने के लिए श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि असंगठित बोर्ड में पंजीकृत सभी श्रमिकों का अनिवार्य रूप से ई-केवाईसी (e-KYC) और आधार आधारित पंजीयन (Aadhaar-Based Registration) सुनिश्चित किया जाए।
इस डिजिटल सत्यापन (Digital Verification) का मुख्य उद्देश्य यह है कि सरकारी योजनाओं का सीधा और वास्तविक लाभ (Direct Benefit Transfer) बिना किसी गड़बड़ी के केवल और केवल पात्र व जरूरतमंद श्रमिकों तक ही पहुंचे। इसके साथ ही उन्होंने विभाग को पाम्पलेट और आकर्षक चित्रमय बुकलेट के माध्यम से इन कल्याणकारी योजनाओं का ग्रामीण स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार (Mass Awareness) करने तथा हितग्राहियों के आवेदनों का त्वरित निराकरण (Fast-Track Grievance Redressal) करने के आदेश दिए हैं।
बैठक में इन दिग्गज जनप्रतितिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी (Key Attendees)
इस महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक प्रथम बैठक में नीतिगत फैसलों को हरी झंडी देने के लिए कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और शीर्ष नौकरशाह उपस्थित थे। इनमें मुख्य रूप से:
- जनप्रतिनिधि: मंडल के सम्मानित सदस्य एवं विधायक चैतराम अटामी और विधायक सुशांत शुक्ला।
- प्रशासनिक अधिकारी: श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, अपर श्रमायुक्त एवं नोडल अधिकारी एस.एल. जांगड़े, और श्रम विभाग के उप सचिव विपुल गुप्ता।
- विभागीय और वित्तीय विशेषज्ञ: वित्त विभाग के प्रतिनिधि, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के महाप्रबंधक, तथा उप श्रमायुक्त एवं प्रभारी अधिकारी एस.एस. पैकरा समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्य बिंदु जो आपको जानने चाहिए (Quick Summary)
📌 छत्तीसगढ़ श्रम विभाग की बैठक के मुख्य निर्णय:
- ई-रिक्शा सब्सिडी में बड़ी वृद्धि: ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत मिलने वाला सरकारी अनुदान 50 हजार से बढ़ाकर सीधे 1 लाख रुपये किया गया।
- गिग वर्कर्स को सौगात: फूड और पार्सल डिलीवरी करने वाले गिग वर्कर्स को अब पहली बार श्रम मंडल की सुरक्षा और योजनाओं का लाभ मिलेगा।
- चरवाहों के लिए विशेष नीति: राज्य के चरवाहों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए एक अलग नई योजना तैयार होगी।
- पारदर्शिता पर जोर: सभी पंजीकृत श्रमिकों का शत-प्रतिशत ई-केवाईसी (e-KYC) और आधार आधारित प्रमाणीकरण अनिवार्य किया गया।
- शिक्षा को बढ़ावा: असंगठित क्षेत्र के गरीब लेकिन मेधावी बच्चों के लिए नई प्रोत्साहन योजना शुरू की जाएगी।







