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Chaitanya Baghel  चैतन्य बघेल को लगा झटका: हाईकोर्ट ने कहा- हस्तक्षेप करने का नहीं है कोई आधार 

Chaitanya Baghel  बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए कथित शराब घोटाला के आरोप में जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट ने झटका दे दिया है। हाईकोर्ट ने चैतन्य की याचिका खारिज कर दी है।

चैतन्य ने ईडी की कार्यवाही को दी थी चुनौती

मनी लांड्रिंग के आरोप में जेल में बंद चैतन्य बघेल ने प्रवर्तन निदेशालय (श्वष्ठ) की कार्यवाही को चुनौती दी थी। इसमें चैतन्य ने अपनी गिरफ्तारी को असंवैधानिक बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। चैतन्य ने जांच, गिरफ्तारी को नियम विरुद्ध और असंवैधानिक बताते हुए रद्द करने की मांग की थी।

Chaitanya Baghel  24 सितंबर को हुई थी सुनवाई

चैतन्य बघेल की इस याचिका पर हाईकोर्ट के जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच में सुनवाई हुई थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 24 सितंबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था।

हाईकोर्ट ने कहा हस्तक्षेप का आधार नहीं

आज सुनाए अपने फैसले में हाईकोर्ट ने कहा कि जांच और गिरफ्तारी पर हस्तक्षेप करने का कोई उचित आधार नहीं है। कोर्ट ने माना कि ईडी की कार्यवाही कानून के तहत की गई है। इसमें न्यायालय को हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं है।

Chaitanya Baghel 18 जुलाई से हैं जेल में बंद

चैतन्य बघेल को ईडी ने 18 जुलाई को गिरफ्तार किया था, तब से चैतन्य जेल में ही हैं। ऐसे में इस बार चैतन्य की दीपावली जेल में बीतेगी। 18 जुलाई को जब उनकी गिरफ्तारी हुई उस दिन चैतन्य का जन्मदिन था।

चैतन्य पर यह है आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के इलौते पुत्र चैतन्य पर शराब घोटाला और मनी लांड्रिंग केस में ईडी ने चैतन्य बघेल को भी आरोपी बनाया है। चैतन्य पर आरोप है कि शराब घोटाले की राशि में से 16.70 करोड़ रुपए उनको भी मिला था। चैतन्य ने शराब घोटाला से प्राप्त ब्लैक मनी को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में इन्वेस्ट किया गया। साथ ही 1000 करोड़ रुपए की हैंडलिंग (हेराफेरी) की गई है।

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