
रायपुर (चतुरपोस्ट डेस्क)। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (Chief Minister Vishnu Deo Sai) की अध्यक्षता में आज यानी 23 जून को को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक (State Cabinet Meeting) होने जा रही है। यह हाई-प्रोफाइल बैठक मंत्रालय महानदी भवन में सुबह 11:30 बजे से शुरू होगी।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस बैठक में प्रदेश के विकास,विधानसभा के मानसून सत्र की रणनीतियों और कर्मचारियों के हितों से जुड़े कई बड़े और संवेदनशील मुद्दों पर अंतिम मुहर लग सकती है। इस बैठक पर न केवल प्रशासनिक अधिकारियों की, बल्कि छत्तीसगढ़ के किसानों, कर्मचारियों और आम जनता की नजरें टिकी हुई हैं।
कर्मचारियों की अंतिम उम्मीद
इधर, तबादला पर बैन हटने और नई तबादला नीति जारी होने का इंतजार कर रहे शासकीय सेवकों की आज की कैबिनेट पर निगाहें रहेगीं। कर्मचारी नेताओं के अनुसार यदि आज इस पर कोई फैसला नहीं हुआ तो फिर अब इस साल तबादला नीति जारी नहीं होगी।
मनरेगा की जगह आएगी नई योजना: ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन‘
इस कैबिनेट बैठक का सबसे मुख्य एजेंडा केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से जुड़ी एक क्रांतिकारी योजना का प्रारूप माना जा रहा है। प्रदेश में आगामी 1 जुलाई से ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण’ (VBG RAM G) लागू होने जा रही है।
दावा किया जा रहा है कि यह महत्वाकांक्षी योजना वर्तमान में चल रही मनरेगा (MGNREGA) के स्थान पर संचालित की जाएगी। कैबिनेट की इस बैठक में इस नई योजना के पूरे ब्लूप्रिंट और कानूनी ढांचे को मंजूरी दी जा सकती है, जो ग्रामीण रोजगार के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव (Transition) साबित होगा।
💡 कैबिनेट बैठक के 5 सबसे बड़े एजेंडे (Key Highlights):
- ✔ विकसित भारत गारंटी मिशन (VBG RAM G): मनरेगा (MGNREGA) की जगह 1 जुलाई से लागू होने वाली इस नई योजना के ड्राफ्ट पर अंतिम मुहर संभव।
- ✔ नई स्थानांतरण नीति (New Transfer Policy): शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों के थोक तबादलों से जुड़ी नई नीति को मिल सकती है हरी झंडी।
- ✔ अनुपूरक बजट (Supplementary Budget): आगामी मानसून सत्र के लिए अनुपूरक बजट और नए संशोधन विधेयकों (Amendment Bills) के प्रारूप का अनुमोदन।
- ✔ खेती-किसानी और मानसून संकट: मानसून की देरी (Delay in Monsoon) से पैदा हुई चुनौतियों, खाद-बीज की उपलब्धता और खरीफ सीजन (Kharif Season) पर विशेष रणनीति।
- ✔ कोर सेक्टर्स पर फोकस: वित्त, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर गहन समीक्षा।
मानसून सत्र (Monsoon Session) की रणनीति और अनुपूरक बजट
छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र आगामी 13 जुलाई से 17 जुलाई के बीच होने जा रहा है। सरकार इस संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण सत्र को लेकर अपनी विधायी रणनीति (Legislative Strategy) तय करेगी। विपक्ष के हमलों का जवाब देने के अलावा, चालू वित्तीय वर्ष (Current Financial Year) के लिए अनुपूरक बजट (Supplementary Budget) और कई महत्वपूर्ण संशोधन विधेयकों (Amendment Bills) के प्रारूप को भी इस बैठक में मंजूरी दी जा सकती है।
मानसून में देरी और किसानों की चिंता पर विशेष फोकस
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बार प्रदेश में मानसून की एंट्री में कुछ देरी (Delay in Monsoon) हुई है। इसका सीधा असर खेती-किसानी पर पड़ रहा है। मुख्यमंत्री साय इस संकट को लेकर बेहद संवेदनशील हैं।
बैठक में आगामी खरीफ सीजन (Kharif Season) के दौरान धान सहित अन्य फसलों की बुआई के काम की समीक्षा की जाएगी। किसानों को समय पर उत्तम क्वालिटी के खाद और बीज की उपलब्धता (Availability of Fertilizer and Seeds) सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों (Core Sectors) पर भी रहेगा ध्यान
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, साय कैबिनेट की इस बैठक में केवल प्रशासनिक विषय ही नहीं, बल्कि जनहित से जुड़े कई अन्य सेक्टर्स पर भी फोकस रहेगा। बैठक में वित्त (Finance), शिक्षा (Education), स्वास्थ्य (Health), कृषि (Agriculture) और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) से जुड़े महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों और नए प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा होने की पूरी संभावना है।
यह बैठक राज्य के विकास की गति को तेज करने और आगामी विधानसभा सत्र में सरकार की स्थिति मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम (Milestone) मानी जा रही है। कैबिनेट के आधिकारिक फैसलों की विस्तृत समीक्षा बैठक समाप्त होने के बाद मुख्य सचिव या वरिष्ठ मंत्रियों द्वारा ब्रीफिंग के जरिए साझा की जाएगी।







