
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के शहरी इलाकों को प्राकृतिक आपदाओं, बाढ़, और जलभराव जैसी गंभीर स्थितियों से सुरक्षित रखने के लिए एक बहुत बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है । राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग (Revenue and Disaster Management Department) ने ‘छत्तीसगढ़ शहरी आपदा प्रबंधन प्राधिकरण’ (Chhattisgarh Urban Disaster Management Authority) का गठन कर दिया है ।
राज्यपाल के नाम से जारी इस आधिकारिक अधिसूचना (Notification) को छत्तीसगढ़ के शासकीय राजपत्र (e-Gazette) में प्रमुखता से प्रकाशित कर दिया गया है । संयुक्त सचिव अरविंद कुमार एक्का के हस्ताक्षर से जारी यह नया नियम तत्काल प्रभाव से पूरे राज्य के नगर निगम क्षेत्रों में लागू हो गया है ।
क्यों पड़ी अर्बन डिसास्टर अथॉरिटी (Urban Disaster Management) की जरूरत?
अक्सर देखा जाता है कि मानसून के समय शहरों में अचानक बाढ़ (Urban Flooding), जलभराव, आगजनी (Fire Hazards) या औद्योगिक दुर्घटनाएं (Industrial Risks) हो जाती हैं । ऐसी आपातकालीन स्थितियों (Emergency Situations) से निपटने के लिए जिला प्रशासन के पास कोई केंद्रित शहरी सिस्टम नहीं था। इसी कमी को दूर करने के लिए केंद्र सरकार के आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 (Disaster Management Act, 2005) की धारा 41A के तहत इस नई राज्य स्तरीय अर्बन बॉडी का गठन किया गया है ।
यह नई अथॉरिटी विशेष रूप से नगर निगम क्षेत्रों (Municipal Corporation Areas) में रिस्क असेसमेंट, बचाव कार्य, और राहत अभियानों की मॉनिटरिंग करेगी ।
जानिए कौन होगा इसका बॉस? देखिए पूरी कमेटी की तालिका (Committee Structure)
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा गठित इस हाई-लेवल अर्बन डिसास्टर मैनेजमेंट टीम में प्रशासनिक और तकनीकी अधिकारियों को शामिल किया गया है, जो इस प्रकार हैं:
- अध्यक्ष (Chairperson): संबंधित जिले के नगर निगम आयुक्त (Municipal Corporation Commissioner) इसके पदेन अध्यक्ष होंगे ।
- उपाध्यक्ष (Vice-Chairperson): संबंधित जिला कलेक्टर या उनके द्वारा नामांकित अपर कलेक्टर (Additional Collector) को पदेन उपाध्यक्ष बनाया गया है ।
- सदस्य (Members): पुलिस अधीक्षक (SP) या उनके द्वारा नामांकित राजपत्रित पुलिस अधिकारी इसके पदेन सदस्य होंगे ।
- अग्निशमन विभाग (Fire Services): जिला अग्निशमन अधिकारी या प्रमुख अग्निशमन सेवा को टीम में शामिल किया गया है ।
- स्वास्थ्य विभाग (Health Department): मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को पदेन सदस्य की जिम्मेदारी दी गई है ।
- टाउन प्लानिंग (Town and Country Planning): नगर तथा ग्राम निवेश के उप संचालक या सहायक संचालक इसके मेंबर होंगे ।
- इंजीनियरिंग विंग (Technical Experts): लोक निर्माण विभाग (PWD), जल संसाधन विभाग (WRD), और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHED) के कार्यपालन अभियंता (Executive Engineers) भी इसके पदेन सदस्य बनाए गए हैं ।
- पर्यावरण और बिजली (Environment & Power): छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल (CECB) के क्षेत्रीय अधिकारी और छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी (CSPDCL) के प्रभारी अधिकारी को भी सदस्य नियुक्त किया गया है ।
प्राधिकरण की भूमिका और मुख्य कार्य (Role and Responsibilities)
इस नई शहरी आपदा प्रबंधन विंग को ग्राउंड लेवल पर काम करने के लिए कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं:
- शहरी आपदा प्रबंधन योजना (Urban Disaster Management Plan): नेशनल डिसास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) के दिशा-निर्देशों के आधार पर हर शहर के लिए एक कस्टमाइज्ड मास्टर प्लान तैयार करना, जिसमें जोखिम का आकलन और बचाव की तैयारी शामिल हो ।
- रोकथाम और डेटाबेस (Prevention and Data): नगर निगम के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में आपदा सुरक्षा मानकों को जोड़ना और संवेदनशील इलाकों का पूरा डिजिटल डेटाबेस तैयार रखना ।
- मॉक ड्रिल और जागरूकता (Mock Drills & Awareness): शहरों में समय-समय पर मॉक ड्रिल का आयोजन करना, जिससे आपातकालीन एजेंसियां अलर्ट मोड में रहें और आम जनता को जागरूक किया जा सके ।
- एकीकृत प्रतिक्रिया (Integrated Response): किसी भी हादसे के वक्त पुलिस, फायर ब्रिगेड, मेडिकल टीम और स्वयंसेवकों (Volunteers) के बीच बेहतर तालमेल बिठाकर त्वरित एक्शन लेना ।
- विशेष उप-समितियां (Special Sub-Committees): अत्यधिक गर्मी (Heat Wave), शहरी बाढ़ (Flooding), या इंडस्ट्रियल गैस रिसाव जैसे विशिष्ट खतरों के लिए अलग से वर्किंग ग्रुप और उप-समितियों का गठन करना ।
फंड की नहीं होगी कमी: इन योजनाओं से मिलेगा पैसा (Funding and Resources)
शहरी आपदाओं से निपटने के लिए बजट की कोई कमी न हो, इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने मजबूत वित्तीय व्यवस्था (Financial Strategy) तैयार की है:
- इस अथॉरिटी को राज्य आपदा प्रतिक्रिया निधि (SDRF) और राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि (SDMF) से सीधे तौर पर वित्तीय सहायता (Financial Assistance) प्रदान की जाएगी ।
- इसके अलावा, शहरों के विकास के लिए चल रही केंद्रीय और राज्य स्तरीय योजनाओं जैसे स्मार्ट सिटीज़ मिशन (Smart Cities Mission), अमृत योजना (AMRUT), और प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के फंड का उपयोग भी आपदा न्यूनीकरण और सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में किया जा सकेगा ।
यह भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ में कमेटियों के गठन पर बड़ा फैसला, अब बिना इसके मंजूरी के कोई नहीं बन पाएगा सदस्य
राजस्व विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इस नए शहरी निकाय (Urban Authority) के आने से छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, भिलाई और कोरवा जैसे घनी आबादी वाले नगर निगम क्षेत्रों में संकट के समय राहत और बचाव कार्य बहुत तेजी से पूरे किए जा सकेंगे ।







