Site icon Chatur Post

Chhattisgarh: गोवंश की हत्‍या पर सरकार सख्‍त: जानिए.. पकड़े गए तो होगी कितने साल की सजा और कितना जुर्माना

Chhattisgarh: प्रदेश में गोवंश व दुधारू पशुओं का अनाधिकृत परिवहन तस्करी, वध व मांस की बिक्री आदि घटनायें प्रकाश में आई है। इन घटनाओं में संलिप्त अभियुक्तों को चिन्हित करते हुए इनके विरूद्ध प्रभावी विधिसम्मत निरोधात्मक कार्यवाही किया जाना आवश्यक है। विदित हो कि इस अपराध पर प्रभावी नियंत्रण न हो पाने के कारण इस क्रूर प्रवृत्ति के प्रति जनता में काफी आक्रोश उत्पन्न होता है, जिससे साम्प्रदायिक सौहार्द और कानून व्यवस्था भी प्रभावित होती है। इस प्रकार के अवैध कृत्यों में संलिप्त आरोपियों के विरूद्ध एक विशेष अभियान चलाकर समूल उन्मूलन किया जावे। उक्त घटनाओं की रोकथाम के लिए निम्नलिखित निर्देश दिए जाते है :-

कानूनी प्रावधानों का उपयोग :- उपरोक्त घटनाओं के रोकथाम व नियंत्रण हेतु निम्नलिखित अधिनियम व नियम प्रभावशील है:-
(1) छ.ग. कृषिक पशु परिरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2011
(2) छ.ग. कृषिक पशु परिरक्षण नियम, 2014
(3) पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम, 1960
(4) पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण नियम, 2017

राज्य में छ.ग. कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 के प्रमुख प्रावधान निम्नानुसार हैः-

Chhattisgarh: विवेचना के दौरान की जाने वाली कार्यवाही :-

गौवंश एवं दुधारू पशुओं की तस्करी एवं वध की घटनाओं के रोकथाम हेतु आसूचना तंत्र विकसित किया जाये।
गौवंश का वध व वध किये जाने का प्रयास किये जाने की सूचना प्राप्त होने पर, घटना पर तत्काल संज्ञान लेते हुये सुसंगत धाराओं में अपराध दर्ज कर अभियुक्तों की पहचान स्थापित करते हुये कार्यवाही की जाये।

गौवंश एवं दुधारू पशुओं को अवैध परिवहन (तस्करी) के दौरान जप्त करने पर नियमानुसार संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित करते हुये गौशाला/कांजी हाउस या संबंधित संस्था को सुपुर्दगी में दिया जावे।

पशु वध शालाओं के विरुद्ध जिला मजिस्ट्रेट के साथ समन्वय स्थापित करते हुये विधिसम्मत कार्यवाही किया जावे।

गौवंश का परिवहन सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी निर्धारित प्रारूप में अनुज्ञापत्र के बिना परिवहन न हो, यह सुनिश्चित किया जाये।

अनुज्ञापत्र धारक वाहनों में मवेशी के परिवहन करते समय पृथक से ऐसे वाहनों पर फ्लैक्स/बैनर लगाकर चिन्हाकिंत किया जाये, कि ऐसे वाहन में गौवंश का परिवहन किया जा रहा है।

अवैध रूप से गौवंश परिवहन करने वाले वाहनों को राजसात किया जाये एवं वाहन मालिक पर भी आपराधिक दाण्डिक कार्यवाही किया जाये।

प्रकरण में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु प्रभावी कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित करें।

आरोपी, संदिग्ध, गवाह व मुखबीर से सघन पूछताछ करते हुये सूचना एकत्रित किया जाये।संवेदनशील क्षेत्र एवं संदिग्धों को चिन्हाकित करना :-

प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाही एवं अभिलेखीकरणः-

प्रकरणों की सतत् मॉनिटरिंग/अभियोजनः-

Chhattisgarh: 7. प्रशिक्षण व क्षमतावर्धनः-

विवेचना अधिकारियों के लिए नियमित अंतराल में प्रशिक्षण कार्यक्रम व कार्यशाला का आयोजन किया जाये।

विवेचना अधिकारियों को आवश्यक संसाधन व उपकरण प्रदाय किया जाये ताकि गी तस्करी के प्रकरणों पर पूर्णतः अंकुश लगाया जा सके।

Chhattisgarh: पुलिस अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाहीः-

Exit mobile version