Chhattisgarhप्रमुख खबरें

ब्रेकिंग: 2047 तक दुनिया पर राज करेगा भारत! श्रीनगर ‘खेल चिंतन शिविर’ से छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी खुशखबरी

श्रीनगर/रायपुर। भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति (Sports Superpower) बनाने के संकल्प के साथ श्रीनगर के प्रसिद्ध ‘शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर’ (SKICC) में दो दिवसीय खेल चिंतन शिविर का आगाज हो गया है। इस महामंथन में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और खेल मंत्री श्री अरुण साव राज्य का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ बनेगा खेलों का हब (Development Hub)

डिप्टी सीएम अरुण साव ने शिविर के पहले दिन स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ अब खेलों के क्षेत्र में पीछे नहीं रहेगा। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य छत्तीसगढ़ के हर गांव और शहर से ऐसी प्रतिभाएं निकालना है जो अंतरराष्ट्रीय मंचों (International Stages) पर तिरंगा लहरा सकें।” राज्य सरकार प्रधानमंत्री मोदी के ‘विज़न 2047’ को पूरा करने के लिए केंद्र के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही है।

मेडल स्ट्रेटजी: ‘खेलो इंडिया’ पर फोकस

शिविर के पहले सत्र में ‘मेडल स्ट्रेटजी – खेलो इंडिया’ पर गंभीर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने इस बात पर सहमति जताई कि केवल सुविधाएं देने से पदक नहीं आएंगे, बल्कि इसके लिए स्पोर्ट्स साइंस (Sports Science) का विस्तार करना अनिवार्य है।

शिविर के कुछ बड़े फैसले:

  • कोचिंग अपग्रेडेशन: खेल प्रशिक्षकों (Coaches) की क्षमता बढ़ाने के लिए विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू होंगे।
  • अनिवार्य खेल शिक्षा: स्कूलों में शारीरिक शिक्षा (Physical Education) को अनिवार्य विषय के रूप में जोड़ने पर सहमति बनी।
  • खिलाड़ियों का डेटाबेस: टैलेंट की सही पहचान (Talent Identification) के लिए केंद्र और राज्य मिलकर एक कंबाइंड डिजिटल डेटाबेस तैयार करेंगे।

डोपिंग के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance Policy)

तीसरे सत्र में खेलों की शुचिता और नैतिकता (Ethics) पर बात हुई। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि खेलों में प्रतिबंधित दवाओं का उपयोग करने वालों के खिलाफ कड़े नियम बनाए जाएंगे।

महत्वपूर्ण अपडेट: ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट अभिनव बिंद्रा ने खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए ‘सेफ गार्डिंग ऑफिसर्स’ (Safe Guarding Officers) की तैनाती बढ़ाने का सुझाव दिया, ताकि खेल का वातावरण सुरक्षित और पेशेवर (Professional Environment) बना रहे।

नौकरी के साथ खेल भी जरूरी

अक्सर देखा गया है कि खिलाड़ी सरकारी नौकरी (Government Job) मिलने के बाद अभ्यास छोड़ देते हैं। चिंतन शिविर में एक ऐसा वर्किंग मॉडल (Working Model) विकसित करने पर जोर दिया गया, जिससे खिलाड़ी नौकरी मिलने के बाद भी अपने खेल करियर को जारी रख सकें और देश के लिए पदक जीतते रहें।

ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगा मौका

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में खेल संस्कृति (Sports Culture) विकसित करने के लिए अधोसंरचना (Infrastructure) निर्माण में विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।

यह दो दिवसीय शिविर (26 अप्रैल तक) न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश की खेल नीति (Policy Reform) में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला साबित होगा। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के लिए अब नए रास्ते खुलने वाले हैं।

Chhattisgarh Sports Minister, Arun Sao Srinagar, Khelo India Strategy, Olympic Roadmap 2048, Sports Science, Doping Policy.

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
Back to top button